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बैंक मैनेजर सहित परिवार के 4 सदस्यों के शव मिले, यह है कारण

pandhurna news: शहर के पुलिस थाना के सामने स्थित शर्मा कॉम्प्लैक्स में संचालित मातृत्व सेवा इंडिया निधि प्राइवेट लिमिटेड के कई खाताधारकों ने शिकायत की थी कि उनका पैसा खातों में जमा नहीं है।

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pandhurna news: पांढुर्ना में धोखाधड़ी के आरोपी मातृत्व सेवा इंडिया निधि प्राइवेट लिमिटेड बैंक के प्रबंधक गणेश पचौरी ने महाराष्ट्र के मोवाड़ के पैतृक घर में परिवार के साथ फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। नरखेड़ के ग्राम मोवाड़ नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक पांच में किराए के मकान में इस परिवार के चार लोगों का शव बुधवार सुबह फांसी के फंदे से लटका मिला। मृतकों में रिटायर शिक्षक दम्पती विजय मधुकर पाचोरी (68) व माला विजय पाचोरी (53), दो पुत्र दीपक विजय पाचोरी (36) व गणेश विजय पाचोरी (37) शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह सात बजे के आस-पास पड़ोसियों को उक्त घटना का पता चला। घटना की जानकारी नरखेड़ पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटना स्थल पहुंचकर अंदर से बंद मकान का दरवाजा खोलकर प्रवेश किया। बैठक हॉल में दीपक (भाई), बीच के हॉल में पति-पत्नी (माता-पिता), एक अन्य कमरे में गणेश छत पर लगी कड़ी से फांसी पर लटके मिले। नरखेड़ पुलिस प्राथमिक जांच के बाद आत्महत्या का मामला दर्ज करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए नागपुर के सरकारी अस्पताल भेज दिया। इस घटना में मृतकों के हाथ बंधे हुए थे। जांच के लिए नागपुर से फॉरेंसिक टीम को भी घटना स्थल बुलाया गया।

जेब से मिला सुसाइड नोट

अपर पुलिस नागपुर ग्रामीण अधीक्षक रमेश धूमाल ने बताया कि मृतक गणेश की जेब में चारों मृतकों के हस्ताक्षर वाला सुसाइड नोट मिला है। नोट में पांढुर्ना में दर्ज मामले से आहत होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है। फिलहाल सुसाइड नोट की सत्यता, हैंडराइटिंग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा।

दो माह पहले मिली थी जमानत

शहर के पुलिस थाना के सामने स्थित शर्मा कॉम्प्लैक्स में संचालित मातृत्व सेवा इंडिया निधि प्राइवेट लिमिटेड के कई खाताधारकों ने शिकायत की थी कि उनका पैसा खातों में जमा नहीं है। जिन एजेंटों को बैंक ने नियुक्त किया था उनका कहना था कि हमने पैसा बैंक में दिया, लेकिन जमा नहीं किया गया। जांच के बाद जनवरी 2024 में प्रबंधक गणेश पचौरी को लगभग 16 लाख के गबन के आरोप में गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया गया था। बताया जा रहा है कि अगस्त महीने में जमानत पर छूटने के बाद से वह अपने परिवार के साथ मोवाड़ में रह रहा था।