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Big news: महापौर का गंभीर आरोप, कहा आदिवासी हूं इसलिए कर रहे अपमानित

नगर सरकार से भाजपा को सत्ता से बेदखल किया है

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Big news: महापौर का गंभीर आरोप, कहा आदिवासी हूं इसलिए कर रहे अपमानित

Big news: महापौर का गंभीर आरोप, कहा आदिवासी हूं इसलिए कर रहे अपमानित


छिंदवाड़ा. प्रशासन भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। मैं जनता से चुना हुआ प्रतिनिधि हूं, इसके बावजूद मेरी बात नहीं सुनी जा रही है। लगातार उपेक्षा की जा रही है। मैं आदिवासी वर्ग से आता हूं, गरीब परिवार से आता हूं, यही वजह है कि प्रदेश सरकार और प्रशासन लगातार मेरा अपमान कर रही है। यह आरोप शनिवार को प्रेस कान्फ्रेंस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान महापौर विक्रम अहके ने लगाए। महापौर ने कहा कि छिंदवाड़ा की जनता ने चुनाव के जरिए नगर सरकार से भाजपा को सत्ता से बेदखल किया है, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, सांसद नकुल नाथ के नेतृत्व पर भरोसा जताया। एक गरीब आदिवासी के बेटे को महापौर बना। यह बात भाजपा को हजम नहीं हो हो रही है। वह लगातार मेरी उपेक्षा कर रहे हैं, जो गलत है। महापौर ने कहा कि जब बीते दिनों नगर निगम द्वारा स्वच्छता कर्मियों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया तो, उस कार्यक्रम में महापौर, नगर निगम अध्यक्ष यहां तक कि महिला पार्षदों के लिए तक मंच पर बैठने की जगह नहीं थी, जबकि हारे हुए भाजपा प्रत्याशी, ठेकेदार और पार्षद पति मंच पर विराजमान थे। भाजपा नेताओं के दबाव में प्रशासन लगातार मुझे उपेक्षित कर रहा है। मैं भाजपा नेताओं से अपील करता हूं कि जनता ने पांच साल के लिए नगर निगम में कांग्रेस में सरकार बनाई है, इसे निर्बाध रूप से चलने दें। महापौर ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में जो प्रमाण पत्र बंटने थे, उसमें मेरी और कमिश्नर की साइन कराई गई थी। कार्यक्रम से एक दिन पहले एक हजार प्रमाण पत्र पर मेरे हस्ताक्षर प्रमाण पत्र पर हुए थे, लेकिन प्रमाण पत्र ही बदल दिया गया। कार्यक्रम में मेरी जगह कलेक्टर के दस्तखत वाले प्रमाण पत्र वितरित कर दिए गए। प्रेस कान्फ्रेंस में महापौर के साथ नगर निगम अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो सहित अन्य मौजूद रहे।

घोटालों की है लंबी लिस्ट
महापौर ने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए हैं। 18 साल तक भाजपा शहर सरकार में काबिज रही, जिसके कारण 55 करोड़ रुपए के घाटे में नगर निगम है। निगम की संपत्ति बिकने की कगार पर है। सभी घोटालों की सूची बनाई जा रही है, जिस पर बाद में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। वर्तमान में नगर निगम कर्मियों को वेतन देने की चुनौती है।