1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छिंदवाड़ा

खदानों को बंद करने का विरोध, जमकर की नारेबाजी

पेंच एवं कन्हान क्षेत्र की तीन कोयला खदानों को बंद करने के विरोध में संयुक्त मोर्चा में शामिल श्रम संगठनों ने महाप्रबंधक पेंच क्षेत्र को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है।

Google source verification

परासिया/डुंगरिया. पेंच एवं कन्हान क्षेत्र की तीन कोयला खदानों को बंद करने के विरोध में संयुक्त मोर्चा में शामिल श्रम संगठनों ने महाप्रबंधक पेंच क्षेत्र को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वेकोलि पेंच-कन्हान की चालू खदान तानसी, महादेवपुरी, मोजारी में लगभग 1800 स्थायी व 800 अस्थायी कामगार कार्यरत है। इन कोयला खदानों के बंद होने से कामगारों के अतिरिक्त लगभग 5 हजार छोटे -बड़े व्यापारी भी प्रभावित होंगे। जबकि कामगार लक्ष्य के अनुरूप उत्पादन कर रहे है। उसके बावजूद अचानक वन विभाग की अनापत्ति नहीं मिलने के कारण माह अगस्त से उत्पादन बंद रखा गया है । इससे कामगारों में असंतोष एवं असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

खदानों में पर्याप्त कोयला :

खदानों में पर्याप्त कोल रिजर्व है। महादेवपुरी खदान पेंच क्षेत्र में 35 लाख टन, तानसी कन्हान क्षेत्र में 40 लाख टन, मोआरी माइन में 16 लाख टन कोयला अभी निकाला जाना शेष है। माइनों के संचालन के लिए तत्काल वन एवं पर्यावरण, कोयला मंत्रालय से संपर्क साधा जाए।