
'Rail Madad' app
छिंदवाड़ा। रेलवे द्वारा यात्रियों के लिए 'रेल मदद' ऐप की सुविधा शुरू की गई है। ट्रेनों में सफर के दौरान यात्री इस ऐप की सहायता से मदद या फिर ट्रेन से जुड़ी शिकायत कर सकते हैं। इसमें ट्रेन में साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता, बुजुर्ग यात्रियों को ऊपरी बर्थ की जगह नीचे वाली बर्थ, बुजुर्ग की दवाई, बच्चे का डाइपर, दूध या फिर किसी भी प्रकार की चिकित्सीय मदद ली जा सकती है। हालांकि यह सुविधा काफी पहले शुरू हो गई थी, लेकिन इससे ज्यादातर यात्री अंजान हैं। बड़ी बात यह है कि मॉडल रेलवे स्टेशन, छिंदवाड़ा में भी इस सुविधा का बेहतर से बेहतर उपयोग करने को लेकर यात्रियों को जागरूक करने में भी जिम्मेदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
दरअसल, रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए संकल्पित है। रेलवे ने पहले जहां अलग-अलग हेल्पलाइन नम्बर रखे थे। उन्हें अब एकीकृत कर दिया है। 139 रेलवे का एकीकृत हेल्पलाइन नंबर है जिस पर हर तरह की शिकायत दर्ज कराई जा सकती थी। इसी तर्ज पर रेलवे में ट्रेनों की सफाई एसी की कूलिंग ज्यादा या कम होने बिजली से जुड़ी समस्या वगैरह के लिए एकीकृत सुविधा दी है। यात्रियों को चलती ट्रेनों में किसी भी तरह की शिकायत दर्ज कराने के लिए अब सिर्फ रेल मदद ऐप की सुविधा मिलेगी।
तत्काल निवारण करना है उद्देश्य
रेलवे से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट के जमाने में रेलवे ऐप के जरिए ऑनलाइन सुविधाओं दे रही है, ताकि आसानी से शिकायतें पहुंच सके और उनका निवारण भी तत्काल किया जाए। इंटरनेट युग में आनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कोच मित्र ऐप के सुविधा बहाल की गई थी। बाद में उसी तर्ज पर 'रेल मदद' ऐप विकसित हुआ। रेल में मदद ऐप के जरिए सफर के दौरान पानी, बिजली, सफाई सहित अन्य शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके साथ ही किसी भी तरह की समस्या भी इस ऐप के जरिए कर सकते हैं।
अगर रेलवे के किसी कर्मचारी के व्यवहार या उसके काम से जुड़ी शिकायत करना चाहते हैं तो यह विकल्प भी रेल मदद ऐप पर उपलब्ध है। सुविधाएं मांगने या शिकायत करने के लिए जनरल डिटेल्स, घटना की तारीख, घटना स्थल, पर्सनल डिटेल, मोबाइल नम्बर और इ-मेल जैसी सूचनाएं देनी होंगी।
यात्रियों से मांगा जाता है फीडबैक
रेल मदद ऐप पर शिकायत या समस्या बताने पर रेलवे द्वारा उसका समाधान तत्काल किया जा रहा है। रेलवे ने हर समस्या के समाधान की समय सीमा भी निर्धारित की हुई है। निर्धारित समय में समाधान न होने पर वह शिकायत उच्च अधिकारी तक पहुंच जाती है। साथ ही समाधान की सूचना भी शिकायतकर्ता को देते हुए उससे फीडबैक भी लिया जाता है।
Published on:
28 Jan 2022 01:02 pm
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