
Railway: इस स्टेशन पर पहुंचने के बाद ट्रेन तीन घंटे रहती है खड़ी, नहीं मिलता सिग्नल
छिंदवाड़ा. भंडारकुंड से बैतूल पैसेंजर रेलवे की गलत व्यवस्था की शिकार हो गई है। यह ट्रेन आए दिन छिंदवाड़ा मॉडल रेलवे स्टेशन में ढाई से तीन घंटे खड़ी कर दी जा रही है। ऐसे में यात्री परेशान हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह व्यवस्था लगभग एक वर्ष से चली आ रही है। इसके बावजूद भी जिम्मेदार रेलवे अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। हर दिन ट्रेन में बैठे यात्री व्यवस्था को कोसते हैं। यात्रियों का कहना है कि इसकी शिकायत भी कई बार स्टेशन प्रबंधन से की गई, लेकिन स्थिति जस की तस है। गौरतलब है कि प्रतिदिन पेंचवैली फास्ट पैसेंजर इंदौर से छिंदवाड़ा सुबह 4.30 बजे पहुंचती है। यह ट्रेन छिंदवाड़ा से भंडारकुंड के लिए सुबह 4.45 बजे प्रस्थान करती है और भंडारकुंड सुबह 6.10 बजे पहुंचती है। रेलवे द्वारा इसी पैसेंजर ट्रेन को वापस भंडारकुंड से सुबह 6.25 बजे छिंदवाड़ा होते हुए बैतूल के लिए रवाना किया जाता है। हालांकि इस ट्रेन के परिचालन में अगर पांच मिनट की भी देरी होती है तो इस ट्रेन को पातालकोट एक्सप्रेस को ग्रीन सिग्नल देने के लिए छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन में खड़ा कर दिया जाता है। इसके बाद पातालकोट एक्सप्रेस के परासिया से छिंदवाड़ा और वापस परासिया पहुंचने के बाद ही बैतूल पैसेंजर को छिंदवाड़ा से बैतूल के लिए रवाना किया जाता है। इस प्रक्रिया में लगभग ढाई से तीन घंटे लग जाते हैं।
मध्य रेलवे नहीं देता सिग्नल
स्थानीय रेलवे अधिकारियों के अनुसार परासिया रेलवे स्टेशन मध्य रेलवे के अंतर्गत आता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर भंडारकुंड से बैतूल पैसेंजर छिंदवाड़ा सुबह 7.55 बजे तक आ जाती है तो फिर मध्य रेलवे सिग्नल दे देता है अगर पांच मिनट की भी देरी हुई तो फिर सिग्नल नहीं देता। पातालकोट एक्सप्रेस को ही मध्य रेलवे द्वारा प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे में मजबूरी में भंडारकुंड-बैतूल पैसेंजर को छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन में रोककर रखना पड़ता है।
एक्सप्रेस लेट हुई तो रेलवे बोर्ड को देना होता है जवाब
अधिकारियों की मानें एक्सप्रेस एवं मेल ट्रेन अगर किसी भी स्टेशन में किसी वजह से देरी से रवाना की जाती है तो इसका जवाब रेलवे बोर्ड को देना होता है जबकि पैसेंजर ट्रेनों की देरी की वजह रेलवे मंडल के अधिकारियों को ही बतानी पड़ती है। ऐसे में मध्य रेलवे पातालकोट एक्सप्रेस को निर्धारित समय पर ही रवाना करना चाहता है। जिसकी वजह से पैसेंजर ट्रेन के परिचालन में विलंब होता है।
50 मिनट का है सेक्शन
परासिया से छिंदवाड़ा के बीच का सेक्शन 50 मिनट का है। रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि अगर परासिया से छिंदवाड़ा के बीच में दोहरी लाइन होती तो यह समस्या नहीं आती। भविष्य में भी अगर छिंदवाड़ा से और ट्रेनों का परिचालन होगा तो यह समस्या गहराती जाएगी। रेलवे को दोहरी लाइन तो बिछानी ही चाहिए इसके अलावा छिंदवाड़ा और परासिया के बीच में एक और रेलवे स्टेशन बनाना चाहिए। गौरतलब है कि गांगीवाड़ा में रेलवे स्टेशन की कई बार मांग भी उठ चुकी है, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है।
नागपुर लाइन चालू होने से खत्म हो सकती है समस्या
भंडारकुंड तक रेल लाइन चालू होने से पहले पेंचवैली फास्ट पैसेंजर का परिचालन इंदौर से छिंदवाडा तक ही किया जाता था। जिससे छिंदवाड़ा से बैतूल पैसेंजर निर्धारित समय पर रवाना हो जाती थी, लेकिन 10 जनवरी 2018 से पेंचवैली पैसेंजर को भंडारकुंड तक कर दिया गया। बताया जाता है कि छिंदवाड़ा से नागपुर रेल लाइन चालू होने के बाद संभवत: पेंचवैली फास्ट पैसेंजर का परिचालन छिंदवाड़ा तक ही होगा। जिससे यह समस्या खत्म हो जाएगी।
अधिकारियों को कराया है अवगत
पैसेंजर ट्रेन के विलंब से चलने को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। यात्री आए दिन शिकायत करते हैं।
संतोष श्रीवास, स्टेशन प्रबंधक, छिंदवाड़ा मॉडल रेलवे स्टेशन
Published on:
11 Jan 2020 12:36 pm
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