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Railway: सीई के घाट सेक्शन के निरीक्षण के बाद भी नहीं चली मालगाड़ी

कमियों को पूरे न होने के कारण मामला अटक गया।

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Railway: सीई के घाट सेक्शन के निरीक्षण के बाद भी नहीं चली मालगाड़ी

Railway: सीई के घाट सेक्शन के निरीक्षण के बाद भी नहीं चली मालगाड़ी

छिंदवाड़ा. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत छिंदवाड़ा से नागपुर रेल परियोजना के कार्य पूरे होने एवं सीआरएस के अप्रूवल के बावजूद भी मालगाड़ी के परिचालन का मामला अटक गया है। सूत्रों की मानें तो मंडल द्वारा 30 अगस्त से छिंदवाड़ा से नागपुर रेलमार्ग पर मालगाड़ी का परिचालन किया जाना था, लेकिन 29 अगस्त को गेज कन्वर्जन विभाग के चीफ इंजीनियर ने भंडारकुंड से भिमालगोंदी रेलमार्ग का निरीक्षण किया। इसके बाद मालगाड़ी का परिचालन न करने का निर्णय लिया गया। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि चीफ इंजीनियर को निरीक्षण के बाद ट्रैक फिटनेस सर्टिफिकेट देना था, लेकिन सीआरएस द्वारा रेलमार्ग पर बताए गए कमियों को पूरे न होने के कारण मामला अटक गया। गौरतलब है कि गेज कन्वर्जन विभाग एवं रेल विद्युत निगम द्वारा छिंदवाड़ा से इतवारी तक चार खंड में रेलमार्ग एवं विद्युतिकरण का कार्य किया गया है। इसमें पहला खंड छिंदवाड़ा से भंडारकुंड, दूसरा खंड इतवारी से केलोद, तीसरा खंड केलोद से भिमालगोंदी और चौथा खंड भिमालगोंदी से भंडारकुंड का है। तीन खंड में कार्य पूरा होने एवं सीआरएस के अप्रूवल के बाद इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। वहीं चौथे खंड में हुए विद्युतिकरण एवं रेलमार्ग के कार्य को अगस्त माह में सीआरएस ने निरीक्षण कर एक हफ्ते के अंदर ही कुछ कमियों को इंगित करते हुए अप्रूव कर दिया था। सीआरएस ने यह भी कहा है कि भंडारकुंड से भिमालगोंदी रेलमार्ग पर पहले चार माह मालगाड़ी का परिचालन किया जाएगा। इसके बाद गेज कन्वर्जन विभाग एवं ओपन लाइन के उच्च अधिकारी संयुक्त रूप से निरीक्षण कर यात्री ट्रेन के परिचालन को लेकर निर्णय ले सकेंगे।


सीआरएस को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सीआरएस ने भंडारकुंड से भिमालगोंदी रेलमार्ग के निरीक्षण के बाद भेजे गए अप्रूवल लेटर में कार्यों में कुछ कमियां भी बताई हैं। जिसे गेज कन्वर्जन विभाग को पूरा करना है। इसके बाद रिपोर्ट सीआरएस के पास जाएगी।


इनका कहना है...
सीआरएस ने रेलमार्ग पर कुछ कमियां बताई हैं। जिसे पूरा करने के बाद रिपोर्ट सीआरएस के पास भेजा जाएगा। मालगाड़ी का परिचालन कभी भी किया जा सकता है।
एचपी त्रिपाठी, सीई, गेज कन्वर्जन विभाग