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Railway: 26 दिन बाद पटरी पर लौटी पातालकोट एक्सप्रेस आज फिर निरस्त

दो रेलवे मंडलों में सामजस्य न होने से आई समस्या, रैक को भेज दिया था वापस

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Railway: 26 दिन बाद पटरी पर लौटी पातालकोट एक्सप्रेस आज फिर निरस्त

Railway: 26 दिन बाद पटरी पर लौटी पातालकोट एक्सप्रेस आज फिर निरस्त

छिंदवाड़ा. 26 दिन बाद मंगलवार को पटरी पर लौटी पातालकोट एक्सप्रेस बुधवार को फिर से निरस्त कर दी गई है। पातालकोट एक्सप्रेस का परिचालन लंबे समय बाद मंगलवार को किया गया। यह ट्रेन निर्धारित समय सुबह 9.30 बजे छिंदवाड़ा से फिरोजपुर के लिए रवाना की गई। ट्रेन के परिचालन की खुशी यात्रियों के चेहरे पर साफ झलकी। हालांकि एक दिन परिचालन के बाद यह ट्रेन फिर से निरस्त कर दी गई है। पातालकोट एक्सप्रेस (14623) 7 फरवरी को रैक की उपलब्धता न होने की वजह से छिंदवाड़ा से फिरोजपुर तक नहीं चलाई जाएगी। दरअसल आगरा रेल मंडल में कार्य के चलते सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए फिरोजपुर जाने वाली पातालकोट एक्सप्रेस 11 जनवरी से 5 फरवरी तक एवं फिरोजपुर से सिवनी आने वाली पातालकोट एक्सप्रेस 12 जनवरी से 6 फरवरी तक निरस्त की गई थी। इसके बाद इस ट्रेन के दोनों रैक को छिंदवाड़ा ही भेज दिया गया था। छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन में जगह की कमी की वजह से एक रैक सिवनी जिले के केवलारी रेलवे स्टेशन एवं दूसरी रैक उमरानाला रेलवे स्टेशन में खड़ी की गई थी। दस दिन बाद केवलारी में खड़ी पातालकोट एक्सप्रेस की रैक को वापस फिरोजपुर भेज दिया गया, जबकि ऐसा नहीं करना था और पूर्व निर्धारित निर्णय के अनुसार दोनों रैक केवलारी एवं उमरानाला में ही रखना था। रेलवे ने 26 दिनों के लिए जब ट्रेन के निरस्त करने का फैसला लिया था तो शेड्यूल इसी हिसाब से जारी किया था। इसमें छिंदवाड़ा से फिरोजपुर के लिए पातालकोट एक्सप्रेस का परिचालन 6 फरवरी से प्रतिदिन करना था। जबकि फिरोजपुर से छिंदवाड़ा के लिए पातालकोट एक्सप्रेस की सुविधा 8 फरवरी से दी जानी थी।

दो रेल मंडल में नहीं दिख रहा सामजस्य
रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि फिरोजपुर रेल मंडल एवं दपूमरे नागपुर रेल मंडल में सामजस्य
होता तो फिर यात्रियों को आए दिन ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। ट्रेनों से संबंधित यात्रियों को जानकारी देने की बात हो या फिर संबंधित रेलवे स्टेशन प्रबंधन को दोनों मामले में रेलवे द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है जब दो रेल मंडलों में सामजस्य न होने की वजह से ट्रेन के निरस्त होने की जानकारी यात्रियों को नहीं दी गई और न ही रिजर्वेशन सिस्टम अपडेट किया गया। रेलवे यात्रियों को सुविधा देने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है।