
RAM MANDIR: रायपुर से आए महाराज ने की थी तपस्या फिर श्रीराम मंदिर का हुआ निर्माण
छिंदवाड़ा. नरसिंहपुर रोड स्थित श्याम टाकीज के पास श्रीराम मंदिर संत महात्माओं की तपोभूमि रही है। इस मंदिर का इतिहास 130 साल पुराना है। वैष्णव संप्रदाय से आने वाले महंत जमुनादास महाराज इसकी सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर से रघुवीर दास महाराज एवं उनके गुरु तुलसीदास महाराज छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने यही तपस्या की। धीरे-धीरे इस जगह का महात्म बढ़ता गया। लोगों के सहयोग से यहां श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ। वैष्णव संप्रदाय के पांच लोग मंदिर की सेवा कर चुके हैं। वर्तमान में छठवीं पीढ़ी सेवा कर रही है। इस मंदिर में अन्य देवी-देवताओं की भी प्रतिमा है। इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। यहां सिद्ध पवनपुत्र हनुमानजी भी विराजमान हैं। दूर-दराज से लोग यहां दर्शन करने आते हैं। महंत ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर यहां भी विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।
कलश यात्रा के साथ प्रारम्भ हुआ तीन दिवसीय श्रीराम महायज्ञ
मारुतिनंदन सेवा समिति सिमरिया धाम द्वारा यातायात थाना के पीछे(ऊंटखाना) स्थित श्रीराम मंदिर में शनिवार को तीन दिवसीय श्रीराम महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सुहागीन महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर कलश लेकर अति प्राचीन श्रीराम मंदिर ऊंटखाना पहुंचीं। आयोजन समिति की ओर से मातृशक्ति के कलशों में मां नर्मदा का पवित्र जल भरा गया। इसके पश्चात पूजन अर्चन के पश्चात यज्ञ स्थल से कलश यात्रा प्रारम्भ हुई। इसके पश्चात कलश यात्रा प्रारम्भ हुई जो नगर के पुराना बैल बाजार चौक, लालबाग चौक, सागरपेशा होते हुए पुन: यज्ञ स्थल श्रीराम मंदिर पहुंची। कलश यात्रा का मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। दोपहर में प्रायश्चित कर्म, यज्ञ मंडप पूजन, प्रधान पीठ पर भगवान श्रीराम की स्थापना, सर्वतो भद्र मंडल, षोडश मात्रिका, नवग्रह, दिगदिगपाल, क्षेत्रपाल मंडलों की स्थापना व पूजन हुआ। पूजन में आनंद बक्षी, भक्ति बक्षी सम्मिलित हुये। यज्ञ स्थल पर निरंतर भजन, कीर्तन का क्रम जारी रहा। शाम को आरती के साथ प्रसादी का वितरण किया गया। आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे। रविवार व सोमवार को विभिन्न आयोजन किए जाएंगे।
आज व कल यह होंगे कार्यक्रम
21 जनवरी को सुबह 10 बजे से राम सहस्त्रोर्चन तथा स्थापित आवाहित देवी-देवताओं की नाम स्मरण एवं आहूतियां अर्पित की जाएगी। दोपहर 2 बजे से शाम 5.30 बजे तक हवन कार्य एवं आरती होगी। 22 जनवरी दोपहर 12.30 बजे पूर्णाहुति तथा इसके उपरांत महाआरती प्रसाद वितरण किया जाएगा। त्रिदिवसीय महायज्ञ में भजन मंडलों द्वारा भजन, कीर्तन, रामधुन, सुंदरकाण्ड पाठ तथा विविध धार्मिक अनुष्ठान होंगे। शाम 4 बजे के पूर्व संपूर्ण जिले के श्रद्धालु राम भक्तों द्वारा राम पत्रकों का एकत्रीकरण एवं वैदिक रीति से पूजन किया जाएगा।
Published on:
21 Jan 2024 12:50 pm
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