
Farmers' trucks in Telangana
छिंदवाड़ा/ कोरोना लॉकडाउन खुलने के बाद सब्जी का अंतरराज्यीय व्यापार फिर अपनी लय पर लौटने लगा है। तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के शहरों में गुरैया थोक सब्जी मंडी से प्रतिदिन 20 से ज्यादा ट्रकों के जाने से न केवल भाव सुधरने लगे हैं, बल्कि किसानों को इसका लाभ मिलने लगा है। व्यापारी कह रहे हैं कि जबलपुर और नागपुर में कोरोना के चलते सब्जी पहुंचाने में समय सीमा की बाधाएं हैं। जल्द ही वहां भी व्यापारिक स्थिति सामान्य हो जाएगी।
मंडी विभाग की मानें तो गुरैया थोक सब्जी मंडी से सालाना आय औसत 30 लाख रुपए है। इस मंडी में कोरोना लॉकडाउन के दौरान अप्रैल और मई में आय में थोड़ी गिरावट आई। जून में अंतरराज्यीय व्यापार शुरू हो जाने से आय का औसत फिर वापस लौट आया है। इस समय छिंदवाड़ा के सब्जी व्यापारी आंध्रप्रदेश के वेल्लमपल्ली, तेलंगाना के मनचियार, महाराष्ट्र के नागपुर, चंद्रपुर, मोर्शी, तुमसर, जलगांव, अकोला, छत्तीसगढ़ के रायपुर समेत आसपास तथा मप्र के इटारसी, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर समेत अन्य शहरों की सब्जियों की मांग पूरी कर रहे हैं। इन शहरों में मिर्ची, ककड़ी, गोभी, धनिया, लहसुन और अदरक समेत अन्य सब्जियों की डिमांड है। किसान भी जैसे ही सब्जियां ला रहे हैं, उनकी क्वालिटी देखकर उसे निर्यात किया जा रहा है। इससे किसानों की आय भी लॉकडाउन के बाद सुधर रही है।
सब्जी मंडी व्यापारी यूनियन के अध्यक्ष संदीप पटेल ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन की देशव्यापी ढील के बाद सब्जियों का अंतरराज्यीय व्यापार फिर शुरू हो गया है। इससे व्यापारियों और किसानों को राहत मिली है। इधर, मण्डी निरीक्षक देविका कुसराम और सहायक निरीक्षक अनिल सुलखिया का कहना पड़ा कि इस समय बाहरी राज्यों से व्यापारिक मांग से मंडी की आय का औसत 2.50 लाख रुपए माहवार वापस लौट रहा है। इससे आने वाले समय में स्थिति बेहतर होगी।
यूपी से आलू आने से फुटकर में महंगा
आलू की उपज स्थानीय न होने से आम आदमी को इस समय फुटकर में 30 रुपए किलो की खरीद करनी पड़ रही है। व्यापारियों के मुताबिक आलू इस समय यूपी से आ रहा है। इससे थोक मंडी में ही से 18 रुपए किलो है। अपेक्षाकृत टमाटर और प्याज सस्ते भाव पर हैं। टमाटर की क्वालिटी बारिश से जरूर प्रभावित हो रही है।
पीले कद्दू और बंध गोभी को नहीं मिल रहे भाव
सब्जी व्यापारी यूनियन के मुताबिक इस समय सब्जी मंडी में पीले कद्दू और बंधा गोभी को भाव नहीं मिल पा रहे हैं। कुछ किसानों ने बंधा गोभी के खेत पर रोटावेटर तक चला दिया है। कोरोना लॉकडाउन की वजह से खेत में रहा कद्दू पीला हो गया है। उसकी पूछपरख कम हो रही है।
Published on:
19 Jun 2020 05:22 pm
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