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किसानों को खाद देने अभी प्रशासन मेहरबान, एक माह बाद फिर ये होगा

कृषि अधिकारी-कर्मचारी चिंंतिंत है क्योंकि जब जून माह में खरीफ सीजन की शुरुआत होगी तो सोसाइटी में खाद लेने किसानों की कतार लगेगी, तब होहल्ला मचेगा।

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DAVP khad

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प्रशासन इस समय हाथों हाथ सोसाइटी से खाद-यूरिया देने तैयार है। किसानों के पास संदेश भेजे भी जा रहे हैं। इधर, किसान खाद लेने सोसाइटी नहीं आ पा रहा है। इससे कृषि अधिकारी-कर्मचारी चिंंतिंत है क्योंकि जब जून माह में खरीफ सीजन की शुरुआत होगी तो सोसाइटी में खाद लेने किसानों की कतार लगेगी, तब होहल्ला मचेगा।

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कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार इस समय यूरिया, सुपर फास्फेट, एमओपी, डीएपी और एनपीके खाद पूरे जिले की सोसाइटी और निजी खाद दुकानों में उपलब्ध है। इसकी मात्रा 77493 मीट्रिक टन में मौजूद है। कलेक्टर की ओर से हर दिन किसानों को ये संदेश भेजा जा रहा है कि जून से पहले खाद का उठाव सुविधाजनक तरीके से कर लिया जाए। इससे अगले खरीफ सीजन में किसानों को असुविधा का सामना न करना पड़ें।

जानकारी ये आ रही है कि किसान अपने घर, परिजनों और रिश्तेदारों की शादियों में व्यस्त है। इसके अलावा कहीं खेतों की तैयारी कर रहा है। कुछ के हिसाब-किताब सोसाइटी से पूरे नहीं हो पाए है। इसके चलते सोसाइटी और बाजार नहीं आ पा रहा है। इससे सोसाइटी से खाद का उठाव नहीं हो पा रहा है। वैसे भी छिंदवाड़ा में जून महीने में ही खाद उठाने की परम्परा कई साल से चली आ रही है। इससे किसान कोई निर्णय नहीं कर पा रहा है।

इस वर्ष 2 लाख से ज्यादा मीट्रिक टन खाद

खरीफ वर्ष 2025 में कृषि विभाग की ओर से 1 अप्रेल से 30 सितम्बर तक अपना 202905 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 11 हजार 114 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। पिछले वर्ष 2024 में लक्ष्य 193244 क्विंटल खाद का वितरण किया गया था।

खरीफ सीजन में पांच लाख हैक्टेयर में लगेगी फसल

आगामी 15 जून से जिले में खरीफ सीजन की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। इस दौरान छिंदवाड़ा व पांढुर्ना जिले में पांच लाख हैक्टेयर में मक्का,मूंग, ज्वार, बाजरा, कपास समेत अन्य फसलों की बोवाई होगी। इस कृषि से करीब 3 लाख किसान परिवार जुड़े हुए है।


इस खरीफ वर्ष 2025 का लक्ष्य मीट्रिक टन में

खाद लक्ष्य
यूरिया 35408
सुपर फास्फेट 18531
एमओपी 6377
डीएपी 2090
एनपीकेु 15086
्रकुल 77493

इनका कहना

एक तो किसान परिवारों और रिश्तेदारों में हो रही शादी-ब्याह में व्यस्त है। इसके अलावा कुछ किसानों ने लोन की नवम्बर की ड्यू किस्त अब तक जमा नहीं की है। फिर भी किसानों तक खाद उठाव के लिए संगठन प्रयासरत है। जल्द ही यह काम ही पूरा हो जाएगा।
-रामराव लाड़े, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान संघ।
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सभी सहकारी समितियों और मार्कफेड के गोदामों में पर्याप्त खाद उपलब्ध है। किसानों से लगातार खाद का उठाव करने कहा जा रहा है। कृषि विभाग की टीम उनसे संपर्क करने में लगी हुई है।
-जितेन्द्र कुमार सिंह, उपसंचालक कृषि।
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