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आशाराम के इस ट्रस्ट पर एसटी आयोग की टेड़ी नजर

सर्किट हाउस में आयोग उपाध्यक्ष ने सुने आदिवासियों के मामले,प्रशासन से भी कार्रवाई की जानकारी मांगी

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chhindwara

baithak


छिंदवाड़ा.परासिया रोड स्थित आशाराम गुरुकुल से संबंधित शक्ति हाउस ट्रस्ट में आदिवासी प्रतिनिधि न होने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष अनुसुइया उइके ने सोमवार को सुनवाई करते हुए जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से पूर्व में दिए गए नोटिस पर कार्रवाई की जानकारी मांगी। आयोग उपाध्यक्ष उइके ने बताया कि शक्ति हाउस ट्रस्ट आदिवासी रानी इंदुमती की जमीन पर बना हुआ है। नियम के मुताबिक ट्रस्ट में आदिवासी प्रतिनिधि होना चाहिए। इस नियम का पालन नहीं किया गया है। इसका व्यवसायिक उपयोग भी हो रहा है। इस संबंध में प्राप्त शिकायत पर पूर्व में प्रशासन को नोटिस देकर आवश्यक जानकारी मांगी गई थी। फिलहाल इस केस में सुनवाई करते हुए जांच के आदेश दिए गए। जांच उपरांत आयोग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आयोग उपाध्यक्ष का कहना पड़ा कि आशाराम बापू और उनके सहयोगियों ने इस जमीन को दान में लेकर इस ट्रस्ट का निर्माण करवाया। उसके बाद उसमें सामान्य प्रतिनिधि रखे। जबकि ट्रस्ट आदिवासी की जमीन पर बना है। इस कारण आयोग इस मामले को संज्ञान में ले रहा है। इससे पहले भी नोटिस जारी कर इसकी जानकारी मांगी गई थी। इसका जवाब संबंधित अधिकारी नहीं दे पाए। इसके कारण अब जांच करानी पड़ रही है।

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इसी माह धनकसा के अवार्ड
कोयलांचल की धनकसा कोयला खदान में किसानों को मुआवजा देने संबंधी मामले में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि २८ जुलाई तक सभी किसानों के अवार्ड पारित कर मुआवजा दे दिया जाएगा। इसी तरह गैर आदिवासियों की जमीन हथियाने के मामले की सुनवाई भी आयोग उपाध्यक्ष ने की। चिखली की श्मशान भूमि के कब्जे की भी सुनवाई हुई। परासिया क्षेत्र के चार गांवों की महिलाओं ने पेंशन व जमीन संबंधी शिकायतें की। इस पर शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। आयोग उपाध्यक्ष ने सहायक आयुक्त आदिवासी को नियमित रूप से छात्रावास का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावास के संचालन में अनियमितता की शिकायत आती रही है। इस पर भी आयोग गंभीर है। एेसी शिकायतों की सुनवाई लगातार की जाएगी।
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