
shaheed jawan kabir das : जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आतंकी मुठभेड़ के दौरान आदिवासी परिवार में जन्में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान कबीर दास उइके का पार्थिव शरीर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित उनके पेतृक गांव स्थित उनके आवास पर लाया गया है। जैसे ही बेटे का शव घर पहुंचा मां की चीखें लगना शुरु हो गईं। पत्नी बेसुध हालत में घर के एक कौने में बैठी है। यही नहीं पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि पूरे गांव में मातम सा पसरा हुआ है। जिस किसी ने भी ये मंजर देखा वो भावुक हुए बिना नहीं रह सका।
आपको बता दें कि कबीर दास जम्मू कश्मीर के कठुआ इलाके में हुई आतंकी मुठभेड़ के दौरान गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था।
सीआरपीएफ की डीआईजी नीतू सिंह ने आज उनके आवास पर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की और साथ ही परिवार को सांत्वना दी। सीआरपीएफ जवान कबीर दास उढ़के की मां इंद्रावती उड़के ने कहा कि, घटना से पहले बेटे ने उनसे करीब 2 बजे फोन पर बात की थी। उस समय उसने वादा किया था कि 'मां मैं जल्दी ही घर आउंगास तू चिंता न कर।' उन्होंने आगे कहा कि 'बेटे ने अपना वादा पूरा किया वो जल्दी तो आ गया, लेकिन पता नहीं थी कि शहीद होकर घर आएगा।'
इधर, गांव के लोगों ने शहीद जवान के अपने घर पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार से लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। इस दौरान गुरुवार सुबह से शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों तक से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे हुए हैं। जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा, हर तरफ सिर्फ भारत माता की जय, हिंदुस्तान जिंदाबाद और शहीद जवान अमर रहे के नारे फिजा में गूंजते नजर आए। फिलहाल, कुछ ही देर में आदिवासी रीति रिवाज के साथ राजकीय सम्मान से जवान को अंतिम विदाई दी जाएगी।
जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने से पहले ही पीएचई मंत्री संपतिया यूइके और छिंदवाड़ा सांसद बंटी साहू भी जवान के घर पहुंच गए थे। जैसे ही सीआरपीएफ के शहीद जवान कबीरदास का पार्थिव गांव पहुंचा तो दोनों नेता उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि देते नजर आए।
Updated on:
13 Jun 2024 01:57 pm
Published on:
13 Jun 2024 01:48 pm
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