छिंदवाड़ा. साहित्यकार, पर्यावरण मंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल माधव दवे द्वारा लिखी शिवाज और सुराज पुस्तक पर पाठक मंत्र ने गत दिवस एक परिचर्चा का आयोजन किया। हिंदी प्रचारिणी के सभागार में आयोजित इस परिचर्चा में शहर के साहित्यकार, समीक्षकों ने भाग लिया और पुस्तक के संबंध में अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डा कौशल किशोर श्रीवास्तव ने की मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीप्रसाद दुबे उपस्थित रहे। वक्ताओं ने शिवाजी के शासन काल के महत्वपूर्ण तरीकों और गुणों के अनुकरणीय पहलुओं की ओर पाठकों का घ्यान आकर्षित किया और अपने समीक्षा आलेख पढ़े।
अवधेश तिवारी, संजयपाठक, शेखर थोराट, शिवशंकर शुक्ल लाल, शिवराम विश्वकर्मा, रत्नाकर रतन, नेमीचंद व्योम ने अपने महत्वपूर्ण और सरगर्भित विचार रखे। परिचर्चा में लक्ष्मण प्रसाद डेहरिया, सर्वज्ञा थोराट, वैभाव पारसे, ओमप्रकाश सिलोदिया, मोहनीश खान भी उपस्थित रहे। संचालन करते हुए रणजीत सिंह परिहार ने पुस्तक में उल्लेखित महत्वपूर्ण अंशों का वर्णन किया। कार्यक्रम के अंत में पाठक मंच के संयोजक विशाल शुक्ल ने परिचर्चा में उपस्थित सभी साहित्यकार, चिंतक, समीक्षकों का आभार माना।