6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Social media: खुद की ब्रांडिंग पर जोर, हर प्लेटफॉर्म पर दिख रही युवा नेताओं की फोटो और वीडियो

- सामाजिक बदलाव: फॉलोवर्स की संख्या बढ़ाने पर ध्यान - हर नेता के पास काम कर रही आईटी टीम

less than 1 minute read
Google source verification
SOCIAL MEDIA

युवा नेताओं की नेतागिरी अब खुद की ब्रांडिंग पर ज्यादा केन्द्रित हो गई है। ऐसे में सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर उनकी चमकती फोटो और वीडियो दिखाई दे रहे हैं। जिले में छोटे से कार्यकर्ता से लेकर सांसद, महापौर और विधायक तक वीडियो और फोटो के लिए पूरी टीम लेकर चल रहे हैं। सुबह उठने से लेकर जनता से मेल मुलाकात, अधिकारियों के साथ बैठक और जन्मदिन सहित सभी घटनाक्रम को प्रतिदिन सोशल मीडिया पर अपडेट किया जा रहा है।

सांसद व महापौर ज्यादा सक्रिय, फॉलोवर्स पर ध्यान

यूं तो सोशल मीडिया पर जरा से कहीं जाने या जन्मदिन मनाने या फिर किसी कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर फोटो-वीडियो डालने का चलन आम है। फिर नेतागिरी का नशा ऐसा है, जिसमें हर कोई अपने फॉलोवर्स तक पहुंचना चाहता है। इस समय सबसे ज्यादा वीडियो-फोटो सांसद बंटी साहू, महापौर विक्रम अहके के नजर आते हैं। इसके बाद भाजपा संगठन के युवा पदाधिकारी के फोटो-वीडियो दिख रहे हैं। इस मामले में कांग्रेस नेता पीछे हैं। वे ब्रांडिंग पर ज्यादा जोर नहीं दे पा रहे हैं।

विधानसभा-लोकसभा चुनाव में भी खूब उपयोग

पिछले साल 2023 में विधानसभा चुनाव तो इस साल 2024 में लोकसभा चुनाव। इस दौरान छोटे से लेकर बड़े नेताओं ने बड़ी संख्या में सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग चुनाव प्रचार के दौरान किया। प्राय: हर दिन कौन से शहर, गांव या मतदान केंद्र में कौन, कहां पहुंच रहा था, इसकी जानकारी मिलती रही। चुनाव आयोग ने इस पर नियंत्रण लगाया। फिर भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म से यह वायरल होती रही।

इसलिए जरूरी है…

  • स्मार्टफोन में व्यस्त युवाओं तक पकड़ बनाना जरूरी।
  • सोशल मीडिया से टॉरगेट व्यक्तियों तक पहुंचना आसान।
  • सोशल मीडिया से आम जनता के बीच छवि बनाने में कामयाबी।
  • करंट न्यूज वायरल करवाने में फॉलोवर्स की मदद।
  • पार्टी के भीतर सोशल मीडिया पोर्टफोलियो से कद में वृद्धि।