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एकादशी पर हुई विशेष काकड़ आरती

काकड़ एक प्रकार की बाती होती है

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एकादशी पर हुई विशेष काकड़ आरती

एकादशी पर हुई विशेष काकड़ आरती

बोरगांव. कार्तिक मास में देवउठनी एकादशी के अवसर पर विशेष काकड़ आरती का आयोजन किया गया। प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा के दिन अमृत वाला दूध पीकर दूसरे दिन सुबह से ही सभी भक्तों काकड़ आरती में शामिल होते हैं। उसी दिन से एक माह सुबह 5 बजे हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए नंदा जी मंदिर जाती है। सामूहिक काकड़ आरती करने वाले भक्तों को अपने.अपने घर में प्रत्येक दिन महिलाओं और बालिकाओं द्वारा प्रसाद एवं स्वल्पाहार भक्तों को दिया जाता है जो एक माह चलती है। इसी माह में आने वाली देवउठनी एकादशी का अपने आप में एक महत्व है कहा जाता है कि जो भक्त काकड़ आरती में एक भी दिन ना आया हो और वह इस एकादशी के दिन आ जाए तो उसे पूरी काकड़ आरती पावन होती है ।
काकड़ आरती कार्तिक मास में प्रात: के समय सैर करना लाभदायक साबित होता है। इसी बहाने भक्त इस काकड़ आरती में शामिल होते हैं, काकड़ एक प्रकार की बाती होती है। जिस मंदिर में भक्त जाते हैं और सामूहिक आरती करते हैं तो सभी एक साथ ही बाती को जलाते हैं और आरती खत्म होते ही काकड़ समाप्त हो जाता है। नगर के हनुमान मंदिर में भी भक्तों द्वारा काकड़ आरती ढोके के नेतृत्व में निकाली जाती है।