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छात्राओं के बीच क्यों हुआ वाद-विवाद, पढ़ें पूरी खबर, देखें वीडियो

छात्राओं ने हिस्सा लेकर पक्ष एवं विपक्ष में प्रखर होकर अपने विचार रखे।

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छात्राओं के बीच क्यों हुआ वाद-विवाद, पढ़ें पूरी खबर, देखें वीडियो


छिंदवाड़ा. राजमाता सिंधिया गल्र्स कॉलेज में गुरुवार को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर मप्र गान के साथ कक्षाओं का आरंभ किया गया एवं स्पीप प्लान के अंतर्गत कॉलेज प्राचार्य डॉ. पीआर चंदेलकर के मार्गदर्शन में ‘अनिवार्य मतदान लोकतंत्र की सफलता का आधार है’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें छात्राओं ने हिस्सा लेकर पक्ष एवं विपक्ष में प्रखर होकर अपने विचार रखे। पक्ष में प्रथम सुरक्षा रघुवंशी, द्वितीय महिला शर्मा, तृतीय स्वाती रही एवं विपक्ष में प्रथम कीर्ति, द्वितीय रीना एवं तृतीय प्रियंका विश्वकर्मा रहीं।प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में डॉ. संकेत चौकसे, डॉ. उमेद, रजीना ने सहयोग दिया। वहीं कॉलेज में व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ द्वारा ‘मतदान ही प्रजातंत्र का आधार’ विषय पर व्याख्यान माला का भी आयोजन किया गया।


‘सीमित साधन से ही प्राप्त करनी है असीमित सफलता’
छिंदवाड़ा. शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय छिंदवाड़ा के कॅरियर मार्गदर्शन विभाग द्वारा गुरुवार को व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रमुख चांद कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अमर सिंह ने विद्यार्थियों को सम्बोधित किया। कहा कि हम अपने जीवन में उतनी ऊंचाई पर जा सकते हैं जहां तक हमारी सोच जाती है। छोटा सपना संजोना महापाप होता है। सपने वे होते हैं जो हमें सोने न दें। असफलता सफलता के मार्ग की पहली सीढ़ी होती है। हम अपने कर्मों की ऊंचाई बढ़ाकर अपनी सफलता को पुख्ता कर सकते हैं। जो छात्र लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम करते हैं उन्हें मौसम नहीं सता सकता है। उसके पास आलस्य व उबाऊपन के लिए समय ही नहीं होता है। हर छात्र ईश्वर की अनुपम मूर्ति होता है। जिसे वह प्रतिभावान बनाकर इस संसार में भेजता है। गुरू छात्र के विशिष्ट ज्ञान की पहचान करता है, निखारता है और तराशता है। आत्मज्ञान, आत्मबल व आत्मानुभूति से अंतर्निहित शक्तियों का आभास होता है जिससे दिव्यशक्तियां उत्सर्जित होती हैं। शिक्षा उन्नति का सबसे सरल व प्रभावी हथियार होता है। दक्षता संबर्धन, लक्ष्यपरक अध्ययन और जूनून से कार्यसिद्धि प्राप्ति होती है। डॉ. सिंह ने दृढ़ संकल्प, अटल आत्मविश्वास व फौलादी इरादों को सफलता प्राप्ति के सूत्र बताया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में हुनर से काबिलियत बढ़ाकर अपनी पहचान बनाने में बहुपयोगी मदद मिलती है। अगर छात्रों को समय का बजट बनाना, वर्तमान का पूरा फायदा उठाना व अप्रतिम साहस के साथ संघर्ष करना आ गया तो मनचाही मंजिल उनके चरण चूमती है। उन्होंने कहा कि प्यासे कौ जैसा प्रयास बगुला जैसा ध्यान, श्वान जैसी नींद, अल्प आहारी व गृहत्यागी ये अच्छे विद्यार्थी के लक्षण होते हैं। कार्यशाला को संस्था प्राचार्य आईएम भीमनवार, व्यक्तित्व विकास प्रभारी सुदीप जैन व प्रीतेश रघुवंशी ने भी सम्बोधित किया।