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बाजारों में नहीं बने सुलभ कॉम्प्लैक्स

नगर निगम नहीं कर सका समस्या का समाधानस्वच्छता सर्वेक्षण में भी नहीं बनी कार्ययोजना

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छिंदवाड़ा. पुरानी सब्जी मण्डी कॉम्प्लैक्स ही नहीं, दूसरे क्षेत्रीय बाजारों में भी सुलभ कॉम्प्लैक्स नहीं बनाए गए हैं। दुकानदारों और आम नागरिकों की प्रसाधन की समस्या हल करने में नगर निगम कोई रुचि नहीं ले रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में भी इसकी कोई कार्ययोजना नहीं बनाई जा रही है। इससे लोग सडक़ किनारे गंदगी करने मजबूर हंै।

हाल ही में सब्जी मण्डी कॉम्प्लैक्स के दुकानदारों ने इस समस्या को उठाया और निगम का ध्यान आकर्षित किया था। इस कॉम्प्लैक्स के साथ पूरे निगम क्षेत्र को देखा जाए, तो शहर में नगरपालिका के समय के 12 सुलभ शौचालय और 11 सार्वजनिक शौचालय हंै। यह बाजार की दृष्टि से अत्यंत कम हैं। उदाहरण के लिए गांधीगंज एरिया, नरसिंहपुर नाका, इमलीखेड़ा और खजरी रोड पर सडक़ किनारे नए सब्जी बाजार लगना शुरू हो गए हैं। परासिया, नागपुर, सिवनी और नरसिंहपुर रोड पर भी छोटी दुकानदारों पर दुकानदार बैठे हैं। बाजार में

प्रसाधन की समस्या कितनी
गंभीर है, इसे सुना ही नहीं गया है। सुलभ कॉम्प्लैक्स का विस्तार करना जरूरी है। सुलभ शौचालय कम, सडक़ किनारे गंदगी परासिया, नागपुर, सिवनी और नरसिंहपुर रोड पर मुश्किल से एक या दो सुलभ शौचालय हैं। इन सडक़ों पर चलने वाले राहगीर या फुटपाथी दुकानदार कहीं प्रसाधन करने जाएं तो सुलभ शौचालय नहीं मिलेगा। फिर लोग सडक़ किनारे कहीं खाली जगह देखकर गंदगी कर रहे हैं।

निगम गठन के बाद नहीं बने सुलभ शौचालय
नगरपालिका के समय 12 सुलभ शौचालय और 11 सार्वजनिक शौचालय बनाए गए थे। वर्ष 2014 में नगर निगम का गठन हुआ और 2015 में निगम परिषद बनी। जनसंख्या का विस्तार भी हो गया। फिर भी कहीं दूसरे स्थानों पर नए सुलभ शौचालय नहीं बनाए गए। दूसरी परिषद का कार्यकाल के डेढ़ वर्ष बीत गए। कोई भी कार्ययोजना नहीं बना पाया।

आधा किमी दूर तक ढूंढती हैं प्रसाधन केंद्र
क्षेत्रीय बाजारों में फुटपाथ पर सब्जी, फल, फुटाना समेत अन्य सामग्री बेच रहीं महिला दुकानदार आधा किमी तक हर दिन सार्वजनिक प्रसाधन केंद्र ढूंढती हैं। उन्हें नहीं मिलता तो किसी भी गली और नाली किनारे बैठने मजबूर हो जाती हैं। यही हाल पुरुष दुकानदारों का है। इस पर कोई भी ध्यान नहीं दे पा रहा है।