1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अपनी बातों के झांसे में दंपती को लिया, घर से ले उड़े आठ लाख के जेवर

महिलाओं को ठगने वाला गिरोह सक्रिय, कई वारदात सामने आने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली, शिकायत दर्ज करने में भी पुलिस कर रही देरी

2 min read
Google source verification
10 lakh rupees robbed in broad daylight in Mhow in MP

10 lakh rupees robbed in broad daylight in Mhow in MP- demo pic

छिंदवाड़ा. छिंदवाड़ा व पांढुर्ना में महिलाओं को झांसा देकर ठगने वाला गिरोह सक्रिय है जो सुबह के समय सक्रिय होकर मंदिर व अन्य स्थानों पर जाने वाली महिलाओं को बातों में फंसाकर उन्हें झांसा देकर जेवर लेते है तथा रफूचक्कर हो जाते है। पिछले कुछ दिनों में चार वारदातें सामने आई है, 11 सितंबर को पांढुर्ना में जैन मंदिर पूजन के लिए जा रही महिला से ठगों ने सात लाख रुपए कीमत के जेवर लेकर फरार हो गए। 11 सितंबर गुरुवार को ही कोतवाली थाना क्षेत्र में सुबह 10.30 बजे ही चंदनगांव स्थित मंदिर में पूजा के लिए जा रहे व्यक्ति को झांसा देकर उसके घर पहुंचकर घर में रखे आठ लाख रुपए के जेवरात पर हाथ साफ किया गया। लगातार वारदात के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है तथा पुलिस सीसीटीवी खंगालने व सिर्फ जांच की बात कर रही है।

नौकरी लगी है, घर में रखे सोने से छूना है दान करने वाले पैसे


चंदनगांव आर्शीवाद कॉलोनी निवासी मानिकराव इंगले 11 सितंबर गुरुवार को मोहल्ले के शिव मंदिर पूजा करने पहुंचे थे। इस दौरान मंदिर में मिले अनजान व्यक्ति ने कहा कि उसकी नौकरी लगी है उसे पैसे दान करना है। जिस पर मानिकराव ने दानपेटी में पैसे डालने के लिए कहा था, उस व्यक्ति ने ज्यादा पैसा दान करने तथा किसी सोने के जेवर से छिलाकर दान करना है। इस दौरान वहां मौजूद महिला ने मंगलसूत्र से छिलाकर दान करने के लिए कहा लेकिन इस बात पर उस व्यक्ति ने कहा कि घर में रखे हुए सोने के जेवर से छिलाकर दान करना है। मानिकराव इंगले को झांसे में लेकर वह व्यक्ति उनके साथ उनके घर पहुंच गया। घर पहुंचने के बाद मानिकराव तथा उनकी पत्नी विद्या इंगले को व्यक्ति ने झांसे में लिया तथा अलमारी खोलकर सोने से उन पैसों को छिलाया।

प्रसाद लेकर आता हूं कहकर निकला


अनजान व्यक्ति ने पैसों को कपड़े में लपेटकर रख दिया तथा प्रसाद लेकर आता हूं कहकर चला गया। जब वह आधा घंटे तक नहीं आया तो मानिकराव इंगले ने अपने दामाद को फोन कर सूचना दी। इस दौरान अलमारी की चाबी नहीं मिल रही थी जिसके बाद चाबी बनाने वाले को बुलाकर अलमारी को खुलवाया गया। अलमारी खोले जाने पर जेवरात नहीं थे, ठगी का शिकार होने पर विद्या इंगले ने लिखित शिकायत कोतवाली थाने में की है।