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ठंडे बस्ते में परासिया-जुन्नारदेव जिले की मांग,विधानसभा में उठे तो पता चले सरकार का मत

-बजट सत्र में क्षेत्रीय जनता विधायकों से कर रही उम्मीद, मुद्दे उठेंगे तो सरकार देगी ध्यान

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छिंदवाड़ा.विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च से शुरू हो जाएगा। इस दौरान विधायकों से जिले के लंबित मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाने की उम्मीद की जा रही है। खासकर परासिया-जुन्नारदेव जिला की मांग को उठाने की अपेक्षा क्षेत्रीय जनता कर रही है। इससे इस विषय पर सरकार का मत पता चलेगा।


दो साल पहले 2023 में लगातार मांग उठाने की वजह से छिंदवाड़ा जिले से सौ किमी दूर पांढुर्ना को अलग जिला घोषित किया गया है। इसके लिए सरकार पर दबाव बनाया गया, तब तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस मांग को पूरा किया।
छिंदवाड़ा का दूसरा हिस्सा कोयलांचल जुन्नारदेव व परासिया ब्लॉक है, जिसे भी अलग कर जिला बनाने की मांग की जा रही है। भोपाल में सरकार इस पर निर्णय करती है तो छिंदवाड़ा को तीन जिलों का संभाग बनाना बेहतर होगा। इस पर हर जनप्रतिनिधियों को आगे बढऩा होगा। साथ ही सीएम के समक्ष लगातार मांग उठानी होगा। परासिया विधायक सोहन बाल्मीक और जुन्नारदेव के विधायक सुनील उइके विधानसभा सत्र में ये मांग उठाते रहे हैं। फिर भी कहीं न कहीं ये मांगें ठंडे बस्ते में कैद है। आगे उन्हें पुन: मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के समक्ष इस मांग को विधानसभा सत्र के दौरान उठाना होगा। तभी सरकार इस पर ध्यान दे पाएगी।
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