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गोल गंज-छोटा बाजार की नेतागिरी के आगे हमेशा ढह जाती है अतिक्रमण हटाओ मुहिम

छोटे अतिक्रमण पर कार्रवाई पर ध्यान केन्द्रित, पिछले साल 2024 में हुई थी केवल नपाई, आगे कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाए अधिकारी

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नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी जनपद पंचायत कार्यालय समेत अन्य स्थानों के आसपास अतिक्रमण हटाने को ही अपना कर्तव्य मानते रहे है लेकिन उन्होंने पिछली बार की तरह शहर के सबसे धनाड्य इलाके गोलगंज और छोटा बाजार के अतिक्रमण को हटाने की कोई प्लानिंग नहीं की है। निगम एवं प्रशासन के अधिकारी से जब भी जिक्र करो तो इन्हें गोलगंज का नाम सुनकर ही माथे पर पसीना आ जाता है। यहां की नेतागिरी हमेशा बड़े से बड़े अतिक्रमण हटाओ मुहिम का समापन कर देती है।
यह मुद्दा अभी शहर में इसलिए उठ रहा है क्योंकि नगर निगम और प्रशासन ने शहर को अतिक्रमण से मुक्त करने का निर्णय नगर निगम की बैठक में लिया है। एक दिन पहले जनपद पंचायत के आसपास के अतिक्रमण हटाए गए। इसके अलावा हर बाजार में एलाउंसमेंट के जरिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की पूर्व सूचना दी जा रही है।

2024 में लोकसभा चुनाव से पहले हटाए थे अतिक्रमण

वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी से मार्च तक नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की टीम ने जेल तिराहा से पोला ग्राउण्ड, एमएलबी स्कूल से जनपद पंचायत, पालिका मार्केट, ईएलसी, शनिचरा बाजार समेत अन्य इलाकों में अतिक्रमण हटाए थे। दीनदयाल पार्क के सब्जी, फल, कपड़ा, मनिहारी दुकानदारों को ही जेल बगीचा सब्जी बाजार शेड पर व्यवस्थापन किया। मतदान से मुक्त होने के बाद नगर निगम की टीम ने बाजार में लगातार कार्रवाई की।


हमेशा छोटे दुकानदारों को ही हटाया, बड़े दुकानदारों को छोड़ा

पिछली बार 2024 में भी अधिकारी-कर्मचारियों ने केवल छोटे अतिक्रमणकारी गुमठी और दुकानों को ही हटाया। सडक़ों को व्यवस्थित करने का श्रेय लिया। गोलगंज में जहां अतिक्रमण से सडक़ छोटी हो गई है, वहां उन्होंने जाना भी मुनासिब नहीं समझा है।

नजूल विभाग ने नापी थी गोलगंज की सडक़

लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी-मार्च में नजूल विभाग के चार निरीक्षकों ने गोलगंज से लेकर छोटा बाजार तक सडक़ों की लम्बाई-चौड़ाई नापी थी। इस दौरान कहीं 15 फीट तो कहीं उससे कम माप पाया गया। इसके आधार पर राजस्व निरीक्षकों ने सभी दुकान व घरों के सामने कब्जा किए गए स्थान के चिन्ह लगाए और उनसे स्वयं कब्जे हटाने की समझाइश दी थी। दुकानदारों और मकान मालिकों ने अपने कोई अतिक्रमण नहीं हटाए। यहीं से अतिक्रमण हटाओ अभियान रोक दिया गया है। जबकि गोलगंज से छोटा बाजार तक रोड छोटी हो गई है। इससे व्यापार-व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

इनका कहना है…

नगर निगम और प्रशासन की बैठक में शहर से अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल छोटा बाजार और गोलगंज के बारे में फैसला होना शेष है।
-सुधीर जैन, एसडीएम छिंदवाड़ा।
…..

शहर में अतिक्रमण दो चरणों में हटाया जाएगा। पहले चरण में उन क्षेत्रों को लिया गया है,जहां ज्यादा अतिक्रमण किया गया है। दूसरे चरण में छोटा बाजार और गोलगंज पर ध्यान दिया जाएगा।
-विक्रम अहके महापौर।