
Development: पौधरोपण,मेढ़ बंधान का बताया महत्व
छिंदवाड़ा. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड द्वारा अन्य संस्थाओं की मदद से इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कार्य किए जा रहे हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वावलंबन के जरिए यहा के लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर तो बनाने का काम तो चल रही रहा है प्राकृति संसधानों को बचाए रखने के लिए पौधरोपण, स्टापडेम, पत्थर और मेड़ बंधान जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं। शुक्रवार को बारी और बतरी गुमगांव में ऐसे ही काम करने वाले ग्रामीणों को विशेष कार्यक्रम में प्रशस्तीपत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इसी अवसर पर बातरी में जलवायु अनुकूलन कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया गया। जिला विकास प्रबंधक सलिल झोकरकर ने बताया कि वर्ष 2011-12 में बारी एवं बतरी- गुमगांव में वाटरशेड परियोजना स्वीकृत की गई थी जिसमें किसानों के लिए मेड बंधान , पत्थर बंधान, लूज बोल्डर स्ट्रक्चर, पौधरोपण, स्टॉप डेम , गली प्लग आदि के काम कराए गए थे। इसी दौरान जानवरों तथा ग्रामवासियों के लिए स्वास्थ्य कैंप के साथ गांव की महिलाओं के लिए चूड़ी दुकान, सिलाई मशीन, मुर्गी पालन, बकरी पालन आदि के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर मनाया गया। शुक्रवार को बतरी में आयोजित कार्यक्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। उन्होनें बताया कि जलवायु अनुकुलन कार्यक्रम के जरिए किसानों के लिए नई फसल पद्धति ,नए बीज ,नई तकनीक, वृक्षारोपण , फलदार पौधेरोपण ,मिट्टी परीक्षण इसका प्रशिक्षण, मल्चिंग- स्प्रिंकलर-ड्रिप डेमोंस्ट्रेशन आदि कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम को विजय राठौड़, रामवतार पांडेय ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
Published on:
14 Mar 2020 11:17 am
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