
marriage ceremony restrictions
छिंदवाड़ा/ वैवाहिक पत्रिका पर अब वर-वधू का बालिग होना लिखना अनिवार्य होगा तथा ऐसा नहीं करने पर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित लाडो अभियान के तहत उक्त निर्देश जारी किए गए है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कल्पना तिवारी रिछारिया ने बताया कि देवउठनी ग्यारस के बाद से विवाह आयोजनों और विवाह की विशेष तिथियों में जैसे बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया आदि अवसर पर होने वाले विवाहों में बाल विवाह की संभावना के दृष्टिगत रखते हुए जिले के प्रिंटिंग प्रेस के प्रबंधकों को निर्देश दिए गए है।
इसके तहत प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को विवाह पत्रिका मुद्रित करते समय स्पष्ट लिखना होगा कि वर-वधू दोनों बालिग है। इस सम्बंध में बालक और बालिका की उम्र का प्रति परीक्षण जन्म प्रमाण-पत्र, स्कूल की अंकसूची, या आंगनबाड़ी केंद्र से प्राप्त रिकार्ड से किया जा सकेगा तथा उक्त दस्तावेजों के अभाव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल प्रमाण-पत्र को मान्य किया जा सकेगा।
विवाह पत्रिका में लिखना होगा वर-वधू है बालिग
बताया जाता है कि उक्त गतिविधियां बाल विवाह रोकने के लिए किए जा रहे है। जिला कार्यक्रम अधिकारी रिछारिया ने बताया कि बाल विवाह अधिनियम में दंड का प्रावधान है, जिसके तहत बाल विवाह किए जाने पर दो वर्ष का कारावास, एक लाख रुपए का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है।
Published on:
28 Nov 2020 03:19 pm
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