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बस स्टाफ के लालच से महिला यात्री को लगी चपत

लापरवाही : बीच रास्ते बस में रात 12 बजे यात्री बैठाना पड़ा भारी, महिला के हजारों रुपए के गहने चोरी

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बस स्टाफ के लालच से महिला यात्री को लगी चपत

छिंदवाड़ा. देर रात बस में यात्री बैठाने के बस स्टाफ के लालच चलते एक महिला यात्री को हजारों की चपत लग गई। महिला अपनी सास और पांच साल के बेटे के साथ मायके कटनी से ससुराल छिंदवाड़ा आ रही थी। रास्ते में ही जबलपुर जिले के तिलवारा के एक पेट्रोल पंप पर बेटे और सास को लेकर सुलभ कॉम्प्लैक्स गई तभी पीछे से उसके पर्स से हजारों के गहने व नकदी पार हो गए। दरअसल, रीवा से चलकर छिंदवाड़ा आने वाली बस क्रमांक एमपी 22 पी 358 में युवती कटनी से सास व बच्चे के साथ रात करीब सबा नौ बजे स्लीपर सीट पर बैठी। बस जब तिलवारा थाने के अंतर्गत एक पेट्रोल पंप पर रुकी तो युवती अपनी सास व बच्चे को पेट्रोल पंप स्थित सुलभ कॉम्प्लैक्स तक ले जाने उतर गई। थोड़ी देर में जब वह लौती तो उसके स्लीपर पर रखे पर्स से नकदी एवं गहने गायब थे। पेट्रोल पंप से डीजल डलवाकर चल रही बस में जब ड्राइवर को इसकी सूचना दी गई तो पांच किमी आगे आने के बावजूद वापस पेट्रोल पंप पहुंचे। आसपास चोर की खोजबीन की गई। उसी दौरान पता चला कि जबलपुर से कुछ ही दूर पर सिवनी छपारा के लिए बैठा एक यात्री भी गायब है। संदेह की सुई उस आेर घूमी तो पेट्रोल पंप का सीसीटीवी फुटेज देखने की बात उठी।

पेट्रोल पंप के कम्प्यूटर का नहीं चला माउस
पेट्रोल पंप में सीसीटीवी फुटेज देखने का प्रयास भी किया गया। बस में छिंदवाड़ा तक सफर कर रहे कम्प्यूटर एक्सपर्ट श्रवन कुमार ने मदद करने की बात पर जब पेट्रोल पंप का सीसीटीवी फुटेज देखना चाहा तो कम्प्यूटर का माउस ही नहीं चला। जब महिला ने बस में भी सीसीटीवी की जरूरत की बात कही तो पता लगा कि बस में सिर्फ सीसीटीवी की निगरानी का पम्पलेट ही चिपका है कैमरा नहीं लगा है।

रास्ते से बैठाना पड़ा महंगा
अमूमन लम्बे रूट के सफर में यात्रियों को बुकिंग काउंटर से नाम, पता व मोबाइल नंबर लिखवाकर सीट नंबर लेना पड़ता है। रीवा से छिंदवाड़ा आ रही बस में देर रात 12 बजे के बाद बीहड़ जैसे स्थान पर किसी यात्री बस को रोककर यात्री बैठाना काफी महंगा पड़ा। इसमें सिर्फ किराया लेकर बिना पतासाजी कर लंबे रूट के यात्रियों के साथ सहयात्री बना दिया जाता है। कई बार सीट नहीं होने की स्थिति में उनके साथ सीट भी साझा कर दी जाती है। सिवनी छपारा का सौ रुपए का टिकट लेकर बीच रास्ते ही उतरने वाले उस यात्री पर शक की सुई इसीलिए भी घूमी।

बरगी थाने में शिकायत
मामला तिलवारा थाने के अंतर्गत था। कई किमी आगे आने के बाद बरगी थाना मिला तो महिला ने अपनी समझदारी का परिचय देते हुए वहां शिकायत करना उचित समझा। वहीं उसी थाने के अंतर्गत गश्त करने वाले100 डायल के पुलिस कर्मिंयों ने सहयोग करते हुए महिला से वहीं पर शिकायत लिखवाई और तिलवारा थाने तक पहुंचाने का वायदा किया। साथ ही उन्हें सुबह आने की ताकीद भी दी।