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फिर महंगा हुआ गेहूं, 2900 रुपए पर पहुंचा, शरबती के दाम पर बिक रही सामान्य किस्में

महंगाई ने मारा, शरबती की दौड़ में पहुंचा स्थानीय गेहूं  

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शरबती की दौड़ में पहुंचा स्थानीय गेहूं

छिंदवाड़ा. विगत आठ माह से गेहूं के दामों में जो गति थी, वह थमने का नाम नहीं ले रही है। इन दिनों स्थानीय गेहूं के दाम 2900 रुपए प्रति क्विंटल के पास जा पहुंचे। यानी, स्थानीय गेहूं के भाव इतने बढ़ चुके हैं कि विदिशा से आने वाले शरबती गेहूं को भी टक्कर मिल रही है।

मार्च के पूर्व तक शरबती गेहूं एवं स्थानीय गेहूं में करीब 600 से 800 रुपए प्रति क्विंटल तक का अंतर था। अब यह अंतर मात्र 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल का रह गया है। बता दें कि शरबती गेहूं किराना व्यापारी अपनी दुकानों के लिए सीधे आयात करते हैं, जबकि स्थानीय गेहूं जिले में ही पैदा किया जाता है।

स्थानीय गेहूं की वर्तमान दर 2900 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक हो चुकी हैं, जबकि किराना दुकानों में शरबती गेहूं भी 3000 रुपए से 3200 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। जब अप्रेल, मई के माह में स्थानीय गेहूं के दाम 2500 रुपए प्रति क्विंटल तक थे, तब शरबती के दाम स्थिर थे। 2800 रुपए प्रति क्विंटल लंबे समय से चल रहे थे।

दुकानदारों की मानें तो स्थानीय गेहूं के बढ़ते दामों और क्वालिटी के कारण शरबती गेहूं के दामों में भी इजाफा हुआ है।

महंगा इसलिए... उत्पादन की तुलना में मांग बढ़ी
बीते मार्च-अप्रैल में गेहूं की नई फसल आ गई थी। उसी दौरान विदेशों में निर्यात की छूट मिली और गेहूं के दाम बढ़ने लगे। जब तक सरकार ने निर्यात रोका, तब तक काफी गेहूं विदेश जा चुका था। छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ अध्यक्ष प्रतीक शुक्ला की मानें तो निर्यात के साथ-साथ गेहूं के उत्पादन में कमी भी महंगाई की एक वजह है। इस साल मक्का की फसल देरी से आई, तो अगली गेहूं की फसल में भी देरी होगी। इसके साथ आटा मिलों की मांग लगातार बढ़ रही है।

बता दें कि इस साल भाव में तेजी के चलते किसानों ने भी सोसायटियों में गेहूं नहीं दिया। वहीं, राशन दुकानों से भी हितग्राहियों को चावल दिया जा रहा है। ये हितग्राही भी अब बाजार से गेहूं खरीदकर खा रहे हैं।

किराना व्यवसायी हेमंत पवार बताते हैं कि पहले शरबती गेहूं 2600 से 2800 रुपए प्रति क्विंटल तक ग्राहकों के लिए उपलब्ध था। अब स्थानीय गेहूं के बढ़ते दामों का असर इस पर भी पड़ा है। दाम बढ़कर 3100 रुपए प्रति क्विंटल तक हो चुके हैं। एक अन्य किराना दुकानदार लक्ष्मण लालवानी के अनुसार शरबती गेहूं 2800 रुपए प्रति क्विंटल पर उपलब्ध था, 30 किलो की बोरियों में यह ग्राहकों को दिया जा रहा था। अब दाम 400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़कर 3200 रुपए प्रति क्विंटल तक हो चुके हैं।