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अमरीका-चीन में इस वजह से बढ़ा टकराव, ड्रैगन ने उड़ाए फाइटर जेट

अमरीका और चीन में एक बीच फिर टकराव देखा जा रहा है। विवादित क्षेत्र में चीन के आठ लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी है।
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नई दिल्ली

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Mangala Prasad Yadav

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Updated: 26 Mar 2018, 5:04 PM IST

chinese

बीजिंगः अमरीका और चीन में एक बार फिर टकराव के आसार दिख रहे हैं। विवादित चीन सागर में चीन के आठ लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी है। बताया जा रहा है कि चीनी फाइटर जेट ने इस विवादित समुद्री क्षेत्र में इन जेट के जरिये युद्ध की तैयारी का अभ्यास किया। ये जेट चीन सागर के अलावा प्रशांत महासागर में भी दिखे। इसके अलावा लड़ाकू विमान जापान के दक्षिणी आईलैंड में अभ्यास करते दिखे। बताया जा रहा है कि जेट विमानों में H-6K, Su-30 और Su-35 जैसे आधुनिक तकनीक से लैस लड़ाकू विमान शामिल थे। इस युद्धाभ्यास की पुष्टि चीन के सैन्य अधिकारियों ने भी की है, लेकिन उनका कहना है कि यह अभ्‍यास विवादित क्षेत्र में नहीं किया गया है। बता दें कि जापान और अमरीका इन इलाकों को विवादित क्षेत्र मानता है, जबकि चीन इन इलाकों पर अपना अधिकार जताता है और इस वजह से वह अपने नौसेना के जहाज और लड़ाकू जेट को भेजता रहता है।

विवादित क्षेत्र में अमरीकी जंगी जहाज से चीन खफा
दूसरी तरफ चीन का कहना है कि विवादित क्षेत्र में घुसपैठ उसने नहीं, बल्कि अमरीका ने की है। अमरीकी जंगी जहाज इन विवादित क्षेत्रों में घुस आए थे। ड्रैगन का कहना है कि ये जंगी जहाज आर्टिफिशियल आइलैंड के करीब से गुजरे थे, जो उसके अधिकार क्षेत्र में है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने इस पर अपना विरोध भी अमरीका से जताया था और इसे अपनी सुरक्षा से जोड़कर अमरीका को चेतावनी भी दी थी। दरअसल दक्षिणी चीन सागर में तेल और गैस का विशाल भंडार दबा होने की बात सामने आती रही है। इसी कारण अमरीका और चीन में इस क्षेत्र पर अधिकार को लेकर अक्‍सर टकराव होता रहता है।

चीन बना रहा आर्टिफिशियल आईलैंड
दरअसल ड्रैगन विवादित दक्षिण चीन सागर में आर्टिफिशियल आईलैंड बना रहा है और यहां पर मिलिट्री बेस बनाकर अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत कर रहा है, लेकिन अमरीका और जापान इसका विरोध कर रहे हैं। अमरीका और जापान का कहना है कि चीन आर्टिफिशियल आईलैंड बनाकर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।