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पुजारी का चोला ओढ़ डकैतों की करता था मदद, धरा गया

गैंग को पहुंचाता था भोजन और जरूरत की अन्य सामग्री।  

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Police caught priest

Police caught priest

चित्रकूट. यूपी एमपी के सीमावर्ती इलाकों सहित पाठा के बीहड़ में न जाने ऐसे कितने छोटे मझले गांव हंै जहां से डकैतों को दहशत और सहानुभूति के चलते अच्छी खासी मदद मिलती है। दस्यु गैंगों को रसद सामग्री से लेकर विभिन्न प्रकार की दैनिक उपयोग की वस्तुएं बीहड़ के रास्तों से बराबर पहुंचाई जाती हैं और पुलिस इस तिलिस्म को आज तक नहीं तोड़ पाई क्योंकि ये इतना आसान भी नहीं। कहीं बंदूक की नोक पर तो कहीं जातिगत समीकरण के बूते डकैतों को रहनुमाई की छत हासिल होती आई है। बीहड़ के दस्यु प्रभावित इलाकों में गैंगों के मददगारों की फेहरिस्त काफी लम्बी है। ऐसे में जो पकड़ में आ जाए वही कम है। खाकी ने अब तक कई मददगारों को दबोचा है। डाकुओं को संरक्षण देने के चलते उन्ही में से एक ऐसे सप्लायर को खाकी ने दबोच लिया जो एक मंदिर में कथित पुजारी वेश में रहकर डकैतों का हमदर्द बना हुआ था और उन्हें भोजन सहित कई वस्तुओं की सप्लाई किया करता था. बदले में उक्त मददगार को दस्यु गैंग से रूपये और सरक्षण मिलता था।

बीहड़ों से लेकर सीमाई इलाकों में अपनी दहशत का डंका बजवाने वाले खूंखार डकैतों के मददगार किस तरह सबकी नजरों से ओझल होकर उन्हें हर प्रकार की सहायता उपलब्ध करवाते हैं इसकी बानगी उस समय देखने को मिली जब खाकी ने एक ऐसे रहनुमा को धर दबोचा जो घने जंगल में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर में कथित पुजारी का चोला ओढ़कर कानून तथा लोगों को धोखा देता रहा। मध्य प्रदेश पुलिस ने सीमावर्ती सेजवार जंगल के भैरम बाबा मंदिर के पास से उक्त मददगार को गिरफ्तार किया।

दस्यु नवल और बबुली का मददगार

मध्य पुलिस द्वारा डकैतों के मददगारों को चिन्हित और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने के अभियान के तहत दस्यु नवल धोबी और बबुली कोल के मददगार अच्छेलाल को जंगल से दबोच लिया गया. सतना एसपी राजेश हिंकड़कर ने बताया कि 55 हजार के इनामी डकैत नवल धोबी के कानून के शिकंजे में आने के बाद डकैतों के मददगारों की तलाश जारी है और खूंखार बबुली के खास मददगार भी राडार पर हैं. एसपी के मुताबिक यूपी एमपी के सीमावर्ती सेजवार जंगल में स्थित भैरम बाबा मंदिर में अच्छेलाल धोबी कई महीनों से रहता था. चूंकि मंदिर बेहद घने जंगल के बीच स्थित है इसलिए वहां डकैतों का मूवमेंट बना रहता है. दस्यु नवल धोबी भी बराबर आता जाता था. मंदिर में रहने वाले अच्छेलाल के डकैतों से अच्छे सम्बन्ध हो गए और वह उनका रहनुमा बन गया.

डकैतों को पहुंचाता था भोजन

पुलिस की गिरफ्त में आए डकैतों के मददगार अच्छेलाल के बारे में पुलिसिया जानकारी के मुताबिक वह डाकुओं को मुख्यत: भोजन पहुंचाने का काम करता था। मंदिर में इलाकाई लोगों की गहरी आस्था है सो साल भर पूजन और भंडारे का दौर चलता रहता है. इसी का फायदा उठाकर उक्त मददगार अक्सर डकैतों तक भोजन पहुंचाया करता था। दस्यु नवल व बबुली द्वारा अपनी जरूरत का सामान भी इस मददगार से मंगवाया जाता था। सूत्रों के मुताबिक दस्यु गैंग से इस सप्लायर को रुपये भी मिलते थे।

गैंग की तलाश में जंगलों की खाक छान रही खाकी

इधर दस्यु बबुली को ठिकाने लगाने के लिए यूपी एमपी की खाकी जंगलों की खाक छान रही हैं। सूत्रों के मुताबिक चूंकि एमपी सीमा में पुलिस की कड़ी घेरेबंदी है तो ऐसे में गैंग ने यूपी के बीहड़ों में पनाह ले रखी है। बीहड़ के सूत्रों के मुताबिक इस समय बबुली का दाहिना हांथ सवा लाख का इनामी डकैत लवलेश कोल गैंग की कमान संभाल रहा है और बबुली उसका आका बना है।