
चित्रकूट. भगवान श्री राम की तपोस्थली चित्रकूट के दो दिवसीय दौरे पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पूरी तरह से संत परिवेश में रंगे नज़र आए। प्रोटोकॉल भले मुख्यमंत्री पद का था परंतु योगी आदित्यनाथ अपनी संत परंपरा के शिष्टाचार को नहीं भूले और हर वरिष्ठ कनिष्ठ वयोवृद्ध साधू संत का भावपूर्ण तरीके से अभिवादन स्वीकार्य किया। मुख्यमंत्री के वैभव से इतर योगी संत महात्माओं के बीच चिंतनीय मुद्रा में नज़र आए और संतो द्वारा की गई हर मांग को गम्भीरता पूर्वक सुनते हुए उस पर शीघ्रता से विचार करने का आश्वासन दिया।
सीएम योगी तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से भी मुलाकात करने उनके आश्रम गए और उनका कुशलक्षेम पूछते हुए उनसे आशीर्वाद लिया। विशेष साधना अनुष्ठान में होने के बावजूद भी रामभद्राचार्य ने सीएम योगी से आत्मीयता से मुलाकात की और चित्रकूट के विकास तथा दिव्यांगों के कल्याण के लिए सुझाव दिए व् विस्तार से चर्चा की। सीएम योगी राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के प्रकल्प दीनदयाल शोध संस्थान भी गए और नानाजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके द्वारा चलाए गए प्रकल्पों की जानकारी भी ली। निर्मोही अखाड़े के संतों के साथ मुलाकात करते हुए सीएम योगी ने पवित्र मंदाकिनी नदी को प्रदूषणमुक्त करने के लिए संतो के सुझावों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया की उनकी सभी मांगों को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। एक तरह से यह कहा जा सकता है कि जितनी उम्मीदों के पंख लगाए चित्रकूट का संत समाज सीएम योगी के इंतजार में पलक पांवड़े बिछाए बैठा था उस पर प्रथम दृष्टया खरा उतरते हुए योगी आदित्यनाथ ने संतों का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रभु श्री राम की तपोभूमि चौबीस घण्टे के लिए वीवीआईपी श्रेणी में आ गई है। त्रेता में श्री राम की कर्म भूमि चित्रकूट की धरा पर यूपी के कर्मयोगी सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय प्रवास पर हैं। प्रदेश के आध्यात्मिक धार्मिक शहरों को विकास के पहले पायदान पर रखने के योगी के एजेंडे में चित्रकूट का विकास धरातल पर कितना हो पाएगा यह तो वक्त की कोख में विद्यमान है और आने वाला कल इसका स्पष्टीकरण दे देगा। हाल फ़िलहाल चित्रकूट में यूपी सीएम योगी संतो महात्माओं के दिलों में जगह बना गए। पुलिस लाइन में रविवार की शाम हेलीकॉप्टर से उतरने और पीडब्ल्यूडी के गेस्टहाउस में कुछ देर ठहरने के बाद सीएम योगी का एक सूत्रीय कार्यक्रम था चित्रकूट के आध्यत्मिक परिदृश्य को समझना और यहां के साधू संतो से मिलना। रविवार शाम रामघाट पर पतित पावनी मंदाकिनी नदी की आरती व् संतो से मुलाकात के दौरान सीएम योगी अपनी संत परंपरा के अनुरूप सादगी और किसी भी राजनैतिक टिप्पणी से बचते हुए नजर आए। जनता के बीच संक्षिप्त संबोधन के दौरान भी योगी ने पिछली सरकार की आलोचनाओं से परे सिर्फ चित्रकूट व् बुंदेलखण्ड के विकास की बात की। संतो के बीच संत बन गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
सभी संतो के साथ जमीन पर बैठे सीएम योगी
निर्मोही अखाड़े में संतो से मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने शिष्टाचार का परिचय देते हुए सभी संतो के साथ बैठना उचित समझा। योगी के लिए अलग से आसन का इंतजाम किया गया था परंतु इसके इतर सीएम योगी सभी संतो के मध्य उनके साथ बैठे नजर आए। पूरे चित्रकूट की भौगोलिक स्थिति से सीएम को परिचित कराया गया। पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भी संत प्रेम का जिक्र करते हुए वहां की सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी गई यूपी सीएम योगी को। सीएम योगी से संतो ने मांग की कि चित्रकूट दो राज्यों के बीच बंटा हुआ है तो ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए यूपी व् एमपी के हिस्से वाले चित्रकूट को फ्री जोन घोषित किया जाए जिसपर योगी आदित्यनाथ ने इस मांग पर गम्भीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
रामभद्राचार्य से लिया आशीर्वाद
यूपी सीएम ने जगतगुरु रामभद्राचार्य से भी मुलाकात की और उन्हें अयोध्या में मनाई गई दीपावली के आयोजन के बारे में विस्तार से बताया। रामभद्राचार्य ने सीएम को चित्रकूट और श्री राम के बारे में प्रमुख जानकारियां दी और यहां के विकास को लेकर विभिन्न सुझाव भी दिए। रामभद्राचार्य ने चित्रकूट में विकलांग विश्वविद्यालय की स्थापना भी की है तो ऐसे में उन्होंने दिव्यांगों के कल्याण को लेकर भी सीएम योगी से चर्चा की।
सीएम यूपी के, जय जयकार एमपी से
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भले ही चित्रकूट यूपी के दौरे पर आए हों लेकिन रविवार की पूरी शाम एमपी के नाम रही। कारण चित्रकूट की भौगोलिक स्थिति। यूपी के रामघाट पर आरती करते हुए एमपी के रामघाट से जय जयकार का उद्घोष एक अलग ही दृश्य उत्पन्न कर रहा था। यूपी से ज्यादा एमपी की जनता ने सीएम योगी इस्तक़बाल किया। सुरक्षा कारणों से कई जगह बैरिकेटिंग व् ख़ाकी की निगहबानी के चलते यूपी की जनता अपने प्रदेश के मुखिया का भरपूर दीदार नहीं कर पाई जबकि एमपी की जनता ने सीएम योगी का जय श्री राम के उद्घोष के साथ कई बार अभिवादन किया। सियाराम कुटीर भी एमपी के हिस्से वाले चित्रकूट में पड़ता है तो वहां भी यूपी सीएम की झलक पाने को जनता आतुर दिखी।
चित्रकूट उपचुनाव के लिए भी फेंका पांसा
अगले महीने चित्रकूट विधानसभा( मध्य प्रदेश) में उपचुनाव होना है। कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह के निधन से रिक्त हुई इस सीट पर बीजेपी के लिए जीतना कठिन कार्य होता है क्योंकि इस सीट पर कई बार कांग्रेस ने परचम लहराया है जीत का। सीएम योगी ने इस स्थिति को भांपते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की खुलकर तारीफ की और जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की कि यूपी व् एमपी में बीजेपी की सरकार है तो विकास की गंगा भी तेजी से बहेगी। दोनों राज्यों के श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी सियासत का मास्टर स्ट्रोक सीएम ने संबोधन के दौरान खेला।
बहरहाल सीएम योगी ने तो हर बात पर तथास्तु कहकर लोगों को लुभाने का प्रयास किया है परन्तु धरातल पर यह कितना कारगार होगा यह तो समय और सियासत की काल कोठरी में छिपा हुआ है।
Published on:
23 Oct 2017 07:24 am
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