
निम्बाहेड़ा में शुरू हुआ काले सोने का तौल
चित्तौडग़ढ़ जिले के निम्बाहेड़ा नगर के पुराने बस स्टैंड पर स्थित परिणय रिसोर्ट पर शुक्रवार से तृतीय खण्ड के जिला अफीम अधिकारी रामचन्द्र साहा के नेतृत्व में अफीम तोल का कार्य शुरू हुआ। पहले दिन बड़ीसादड़ी उपखण्ड के 14 गांवों के 156 किसानों की १० क्विंटल ७० किलो अफीम के सैम्पलों की जांच कर तोल किया गया तोल किया गया। साहू ने किसानों को उनकी अफीम जांच में आई श्रेणी से अवगत कराया। विभाग के निरीक्षक बीपी सिंह ने बताया कि पहले दिन बड़ीसादड़ी के गांव नलवई अ एवं नलवई ब के 31.31ए भाणुजा के 23संगरिया के 18 सरथल के 15 सुथार खेड़ा व टापरीयाखेड़ी के 8.8 मानपुरा व भाभा का खेड़ा एवं मानपुर ब्राह्मण के 7.7 भाटोली ब्राह्मण के 5 देवदा के 2 व बोरखेड़ा व सम्मानो का खेड़ा के 1.1कुल 143 किसानों की अफीम का तोल किया गया।
उन्होंने बताया कि तोल के दूसरे दिन शनिवार को 17 गांवों के 262 किसानों की अफीम का तोल होगा।तोल केंद्र पर किसानों के लिए छाया पानी सहित माकूल व्यवस्था की गई है। निरीक्षक सिंह ने बताया कि तृतीय खण्ड के तहत निम्बाहेड़ा व बड़ीसादड़ी उपखण्ड क्षेत्र में 5236 किसानों को अफीम बुवाई के पट्टे जारी किए गए थे। आगामी 24 अप्रेल तक प्रतिदिन अफीम तोल का कार्य होगा। वहीं बड़ी सादड़ी उपखंड के सरथल संगरिया निकुंभ भानपुरा ब्राह्मण आदि गांव से आए मोती लाल गुर्जर,शांतिलाल मेनारिया, दीपक मेनारिया अमृत मेनारिया भेरूलाल आदि किसानों ने अफीम के सरकारी खरीद मूल्य को लेकर असंतोष जताते हुए कहा कि अफीम विभाग द्वारा दूध का औसत मोल 700 से 1700 रुपए प्रति किलो दिया जा रहा है जबकि इसका भाव कम से कम पांच हजार रुपए प्रति किलो तक होना चाहिए। सरकार द्वारा जो डोडा चुरा जलाया जा रहा है उससे भी किसानों को नुकसान हो रहा है सरकार को चाहिए कि डोडा चूरे का उचित मुआवजा किसानों को दिलवाने की व्यवस्था की जाए। किसान अमृत मेनारिया ने बताया कि अफीम में मारफीन की मात्रा को लेकर कोई दिशानिर्देश मौजूद नहीं है।
Published on:
05 Apr 2019 11:27 pm
