
आखिर कौन कर रहा इस गांव में मर्डर
-विषाक्त खिलाकर हत्या करने का आरोप
-विधायक बोले, आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो होगा धरना-प्रदर्शन
चित्तौडग़ढ़. चंदेरिया थानान्तर्गत दौलतपुरा गांव में एक छात्र की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या करने के छह दिन बाद रविवार को उसके पिता की भी विषाक्त खिलाकर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर दौलतपुरा गांव के लोगों में आक्रोश है, वहीं विधायक चन्द्रभानसिंह ने सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
दौलतपुरा गांव में रहने वाले देवीलाल (४०) पुत्र जीतू जाट रविवार को सुबह अपने कुएं पर अचेतावस्था में मिला। परिजन उसे सांवलियाजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। शव के पोस्टमार्टम में देवीलाल की मौत विषाक्त सेवन से होना सामने आई है। मृतक के भतीजे राजू जाट का कहना है कि मौत से पहले काका देवीलाल ने उसे बताया था कि कपड़े से मुंह बांधे हुए तीन व्यक्ति उसे नोहरे से उठा ले गए थे, जिन्होंने उसे कोई दवा पिला दी। मृतक के भाई लक्ष्मण का कहना है कि घर से निकलने पर उसने देवीलाल को पूछा था कि वह कहां जा रहा है। देवीलाल ने उसे नोहरे की तरफ जाने की बात कही। कुछ देर बाद भाई लक्ष्मण व भूरालाल देवीलाल की तलाश में निकले। बाद में वह कुएं पर अचेतावस्था में मिला। मेडिकल बोर्ड के डॉ. जितेन्द्र वर्मा व डॉ. सुभाष कुमावत ने शव का पोस्टमार्टम किया, जिससे पता चला कि देवीलाल की मौत विषाक्त सेवन से हुई है। उसका विसरा जांच के लिए लिया गया है। सूचना मिलने पर विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या, डेयरी अध्यक्ष बद्रीलाल जाट, नगर परिषद सभापति सुशील शर्मा, कमलेश पुरोहित व दौलतपुरा गांव के लोग सांवलियाजी अस्पताल पहुंचे। विधायक आक्या ने कहा कि सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। डेयरी अध्यक्ष जाट ने कहा कि पीडि़त परिवार के घर के आसपास दो पुलिसकर्मी तैनात करने की पुलिस अधीक्षक से मांग की है। उन्होंने कहा कि मौके पर गेहूं की फसल टूटी हुई है और संघर्ष के निशान भी है। इससे साफ जाहिर है कि विषाक्त खिलाकर या पिलाकर देवीलाल की हत्या की गई है। पुलिस उप अधीक्षक गंगरार अशोक कुमार ने बताया कि हर दृष्टिकोण से मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही खुलासा करने के प्रयास किए जाएंगे।
गौरतलब है कि छह दिन पूर्व पांच मार्च को देवीलाल जाट के सत्रह वर्षीय पुत्र मुकेश की भी उसके खेत पर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। मुकेश ५ मार्च की शाम घर से यह कहकर निकला था कि वह पहले गांव में एक विवाह समारोह में खाना खाने खाने के बाद ऋषि मंगरी में मेला देखने जाएगा। रात करीब आठ बजे उसका मोबाइल बंद हो गया। मुकेश रात को घर नहीं लौटा तो पिता देवीलाल बुधवार को सुबह रिपोर्ट लिखवाने चंदेरिया थाने गए थे, इसी दौरान उसके मोबाइल पर किसी ने जानकारी दी कि मुकेश का शव खेत पर पड़ा हुआ है। मुकेश के गले व सिर पर करीब १२-१३ गहरी चोटें पाई गई। ऐसा प्रतीत होता है कि उस पर एक से ज्यादा हथियारों से हमला कर उसकी हत्या की गई थी।
Published on:
10 Mar 2019 10:31 pm
