अफीम तुलाई शुरू होने से पहले ही नारकोटिक्स विभाग में क्यों मच गया हड़कंप

-चित्तौडग़ढ़ जिले में अफीम खरीद 6 अप्रेल से शुरू होगी। इससे ठीक एक दिन पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की मुखिया और नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के घरों पर छापे से विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे।

By: Nilesh Kumar Kathed

Published: 04 Apr 2019, 11:47 PM IST



चित्तौडग़ढ़. अफीम की तुलाई जहां शुक्रवार से शुरू होनी है। इससे ठीक एक दिन पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की मुखिया और नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के घरों पर छापे से विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे।
ब्यूरो की टीमों ने गुरूवार को तड़के करीब पांच बजे ही नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के घरों पर छापे की कार्रवाई शुरू कर दी, जब ये अधिकारी घर में सो रहे थे। अचानक एसीबी की टीम और पुलिस वहां पहुंची तो उनकी नींद खुली।
सही समय पर सही काम
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीमों ने अफीम तुलाई के ठीक एक दिन पहले सही समय पर छापे की कार्रवाई की और उसे बड़े पैमाने पर कामयाबी मिल गई। यही वह समय था, जब मुखियाओं और नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों में लेनदेन की खिचड़ी पकने की आशंका थी। मुखिया छगनलाल के घर से मिली डायरियों में लेनेदेन के हिसाब किताब ने यह साबित कर दिया है कि मुखिया ही वह कड़ी है, जो विभाग के अधिकारियों तक किसानों से एकत्रित की गई राशि पहुंचाते हैं। यह खुलासा तो सिर्फ एक मुखिया के घर हुई कार्रवाई में हुआ है। ऐसे कई मुखिया है, जिनके घरों पर भी छापे मारे जाते तो नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों की कई कारगुजारियां सामने आ सकती थी।
अधीक्षक बोला, मुखबीर ने दी थी पुडिय़ा
इधर नारकोटिक्स ब्यूरो प्रतापगढ़ के अधीक्षक सुधीर यादव ने एसीबी को दी सफाई में यह भी कहा कि उसे किसी मुखबीर ने ब्राउन शुगर की पुडिय़ा तस्करों को पकड़वाने के लिए सैंपल के तौर पर दी थी। गलती से वह इसे चित्तौडग़ढ़ स्थित आवास पर ले आया और घर में रखकर भूल गया था।
बाल्टियों में थी ताजा अफीम
गोराजी का निम्बाहेड़ा में मुखिया के घर और राशमी थानान्तर्गत भीमगढ़ गांव में किशन पुत्र कालू जाट के घरों में मिली अफीम बाल्टियों में भरी हुई थी और ताजा भी थी। ऐसा लगता है कि यह अफीम इस बार उत्पादित की हुई ही है।
सहीराम के बाद से ही थी चित्तौड़ पर नजर
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नारकोटिक्स विभाग के उपायुक्त कोटा सहीराम मीणा के भ्रष्टा कारनामों को उजागर किया, इसके बाद से ही ब्यूरो की नजर चित्तौडग़ढ़ के नारकोटिक्स विभाग पर जमी हुई थी। मुखिया बदलने के खेल में यहां के खण्ड तृतीय के अफीम अधिकारी सुब्रमणियन, जिनका अब यहां से तबादला हो चुका है, के खिलाफ भी एसीबी में जांच चल रही है। ऐसे में मुखियाओं और विभाग के अधिकारियों द्वारा सांठगांठ से किए जा रहे खेल पर एसीबी की नजर थी और इसी का परिणाम रहा कि गुरूवार को एसीबी ने धमाकेदार कार्रवाई को अंजाम देकर मुखिया और अधिकारियों के कारनामों की पोल खोल दी।
गांव में था हर तरफ पुलिस जाप्ता
गोराजी का निम्बाहेड़ा गांव में गुरूवार को मुखिया के घर एसीबी की कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों के अलावा बस भरकर पुलिस जाप्ता भेजा गया। मुखिया छगनलाल के मकान सहित आसपास की गलियों को मुख्या चौराहों पर पुलिस का जाप्ता तैनात कर दिया गया।
बंदूक की भी हो रही जांच
मुखिया छगनलाल जाट के घर अवैध पिस्टल और दो देशी कट्टों के अलावा एक बंदूक भी मिली। यह बंदूक लाइसेंस वाली है या फिर अवैध, इस बारे में भी पुलिस जांच कर रही है। यदि बंदूक लाइसेंस वाली है तो फिर लोकसभा चुनाव के चलते उसे संबंधित थाने में जमा क्यों नहीं करवाई गई, इस बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
डोडा चूरे से भर गया मिनी ट्रक
गोराजी का निम्बाहेड़ा गांव में मुखिया के घर मिले डोडे चूरे व अफीम को मिनी ट्रक में डालकर कपासन थाने ले जाया गया। डोडा चूरा व अफीम इतनी थी कि मिनी ट्रक पूरा भर गया। डोडा चूरे में पोस्तदाने निकाले हुए नहीं थे।

 

 

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