
चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर्यटकों से गुलजार, पत्रिका फोटो
Chittorgarh Fort: चित्तौड़गढ़। त्याग, तपस्या और शौर्य की भूमि कहे जाने वाले चित्तौड़ दुर्ग को देखने के लिए प्रतिदिन 10 हजार से अधिक सैलानी पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने दुकानदारों की भी अच्छी ग्राहकी हो रही है। शहर और आस-पास के अधिकांश होटल फुल चल रहे हैं। शीतकालीन अवकाश के कारण आगामी दिनों में सैलानियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
चित्तौड़ दुर्ग सिर्फ एक किला नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, वास्तुकला और वीरता का एक जीवित स्मारक है, जो अपनी भव्यता और बलिदानों के लिए प्रसिद्ध है। विश्व विरासत में शुमार होने के कारण यहां पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक दुर्ग को निहारने के लिए पहुंचते हैं। शीतकालीन अवकाश शुरू होने के साथ ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है। वर्तमान में प्रतिदिन 10 हजार से अधिक पर्यटक प्रतिदिन दुर्ग को निहारने के लिए पहुंच रहे हैं।
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से टिकट भी निर्धारित कर रखा है। वर्तमान में सर्वाधिक पर्यटक महाराष्ट्र, दिल्ली और राजस्थान में शेखावटी क्षेत्र से आ रहे हैं। पर्यटक दुर्ग को देखने के बाद श्रीसांवलिया मंदिर दर्शन के लिए भी जाते हैं, इसके कारण वहां पर भीड़ उमड़ रही है। उल्लेखनीय है कि किला परिसर में लगभग 65 ऐतिहासिक संरचनाएं हैं, इनमें 4 महल परिसर, 19 मंदिर, चार स्मारक और 22 कार्यात्मक जल निकाय शामिल हैं।
दुर्ग पर कुंभा महल, मीरा मंदिर, विजय स्तम्भ एरिया और पदमनी महल को देखने के लिए टिकट की आवश्यक होता है। पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से टिकट खिडक़ी से टिकट लेने पर 40 रुपए और ऑनलाइन टिकट लेने पर 35 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित है। जानकारों के अनुसार 25 दिसम्बर को 9 हजार टिकट की बिक्री हुई थी, 26 दिसम्बर को यह आंकड़ा करीब 10 हजार पहुंच गया था।
15 साल से छोटे बच्चों का टिकट नहीं लगता है, वहीं कुछ लोग बायण माता मंदिर, अन्नपूर्णा माता मंदिर, कालिका माता मंदिर, मीरा मंदिर, जैन मंदिर, गोमुख कुंड सहित कई मंदिर है, वहां पर जाने के लिए टिकट की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे में कई पर्यटक मंदिर में दर्शन कर ही लौट जाते हैं, ऐसे में इनकी संख्या 15 हजार से अधिक पहुंच रही है।
पर्यटन सीजन के चलते वर्तमान में तीन हजार से अधिक चौपहिया वाहन प्रतिदिन दुर्ग पहुंच रहे हैं। इसमें दो पहिया वाहन, टैम्पो और मिनी बस आदि की संख्या अलग है। इसके कारण दुर्ग पर जाने के लिए दिन में कई बार जाम लगना आम बात हो गई है। इसके कारण पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने वन-वे यातायात व्यवस्था कर रखी है, इसके बावजूद जाम के हालात बने रहते हैं।
चित्तौड़ दुर्ग को देखने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 2024 में 8,92,096 पर्यटक आए थे, इसमें 1640 विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। इस साल दुर्ग पर नवम्बर माह के अंत तक 11,69,373 पर्यटक पहुंच चुके हैं। इसमें 4135 विदेशी पर्यटक शामिल है। दिसम्बर माह में एक लाख से अधिक पर्यटकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
Updated on:
28 Dec 2025 12:17 pm
Published on:
28 Dec 2025 12:17 pm
