4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कलक्टर के किस आदेश पर डीईओ पहुंचे गांव में जांच करने

जिले की निम्बाहेड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गादोला के बरड़ा गांव स्थित कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कार्यरत वार्डन पति के रात में रुकने का मामले में जांच जारी है।
2 min read
Google source verification
chittorgarh

कलक्टर के किस आदेश पर डीईओ पहुंचे गांव में जांच करने



चित्तौडग़ढ़. जिले की निम्बाहेड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गादोला के बरड़ा गांव स्थित कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कार्यरत वार्डन पति के रात में रुकने का मामले में जांच जारी है। मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी भले लीपापोती का प्रयास कर रहे हो,लेकिन बाल कल्याण समिति की जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आने के बाद जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। मामला सामने आने के बाद दो दिन जहां शिक्षा विभाग के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी व शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी ही जांच कर रहे थे वहीं गुरूवार को जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह के निर्देश पर स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी नंदलाल कुम्हार व सर्व शिक्षा अभियान के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक राजेन्द्र शर्मा जांच के लिए बरड़ा पहुंच गए। जांच करने गए अधिकारी हॉलाकि रिपोर्ट कलक्टर को सौंपने की बात करते रहे,लेकिन ये कहकर मामले में लिपापोती का प्रयास करते दिखे कि हमने बालिकाओं से बात की है एवं ऐसा कुछ भी मामला नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि वार्डन का बच्चा बीमार होने पर उसका पति आया था। उसका पति बालिका छात्रावास के पास स्थित स्कूल के कमरे में रूका था। विभागीय नियमों के तहत शाम छह बजे बाद कोई भी व्यक्ति छात्रावास के अंदर प्रवेश ही नहीं कर सकता है। विभागीय अधिकारियों के दावों के विपरीत बुधवार को बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने कक्षा ८ की कुछ छात्राओं से अलग से पूछताछ की थी तो उन्होंने बताया था कि वार्डन के पति यहां आते-जाते रहते हैै तो एक शिक्षिका के पति तो दिन भर यहीं रहते है। समिति ने छात्राओं के बयान के आधार पर जुटाई जानकारी शिक्षा विभाग को भी सौैंपी है।
................................
पति रूक गया लेकिन सूचना ही नहीं दी
जांच में यह सामने भी आ गया कि वार्डन का पति स्कूल के एक कमरें में रूका था। वार्डन ने ये भी लापरवाही बरती थी कि उसके पति के रूकने के बाद भी उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी। इसके बावजूद अधिकारी मामले में कोई ठोस कदम उठाने से बचने का प्रयास करते दिख रहे है।

बड़ी खबरें

View All

चित्तौड़गढ़

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग