6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विदेशी मेहमानों पर छाया लोक संस्कृति का रंग

शौर्य व त्याग की धरा चित्तौड दुर्ग की सोमवार सुबह हर दिन से अलग रंग में नजर आ रही थी । हजारों कदम अपनी संस्कृति की विरासत से जीवंत साक्षात्कार करने को बढ़ रहे थे ।
2 min read
Google source verification
chittorgarh

विदेशी मेहमानों पर छाया लोक संस्कृति का रंग



चित्तौडग़ढ़. शौर्य व त्याग की धरा चित्तौड दुर्ग की सोमवार सुबह हर दिन से अलग रंग में नजर आ रही थी । हजारों कदम अपनी संस्कृति की विरासत से जीवंत साक्षात्कार करने को बढ़ रहे थे । पहली बार आयोजित तीन दिवसीय चित्तौड़ फोर्ट फेस्टिवल के दूसरे दिन सुबह ९ बजे दुर्ग पर रन फॉर फोर्ट मैराथन का आयोजन किया गया। सैकड़ों धावको के साथ शुरू मैराथन में शामिल धावक दुर्ग के हर उस महत्वपूर्ण जगह से गुजरे जहां शौर्य, भक्ति और त्याग की गाथाएं उनका स्वागत करती नजर आ रही थी। फतह प्रकाश से प्रारंभ हुई जोश की यह यात्रा विजय स्तम्भ, कालिका माता मंदिर, पद्मिनी पैलेस, नाग चंडेश्वर मंदिर, चतरंग तालाब, मृगवन, भीमलत, सूरजपोल, कीर्ति स्तंभ, लाखोटा बारी, रामपोल, फतह प्रकाश होती हुई विजय स्तंभ पर सम्पन्न हुई। मैराथन की समाप्ति पर जिला कलक्टर ने पुरूष और महिला वर्ग के प्रथम तीन विजेताओं और प्रथम 100 रनरअप को सम्मानित किया । 9 किमी के लगभग चली मैराथन में दो हजार से अधिक धावकों ने अपनी स्फुर्ति और चुस्ती दिखाई।फोर्ट फेस्टिवल में शामिल होने आए विदेशी पर्यटकों का आयोजन समिति के द्वारा उपरणा ओढाकर, कुंकुम तिलक लगाकर और साफा पहनाकर स्वागत किया गया । विदेशियों के लिए मनोरंजक प्रतियोगिता चेयर रेस, बोरा रेस, रस्साकस्सी, चम्मच और मटका दौड का आयोजन भी किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विदेशी मेहमानों ने उत्साह से भाग लिया एवं यहां की सभ्यता, संस्कृति व पारम्परिक खेलों के बारे में जानने की जिज्ञासा दिखाई। फतहप्रकाश महल के प्रागंण से आसमां में विविध प्रकार की पतंगों का नजारा पर्यटकों के लिए कौतुहल बना रहा ।
विलेज सफारी व दीपदान आज
फेस्टिवल के अंतिम दिन बस्सी में विलेज सफारी का आयोजन होगा। शहरी चकाचौंध से दूर इस आयोजन में विदेशी सैलानी भारतीय ग्रामीण जीवन, संस्कृति, आस्था, रीति-रिवाज, खान-पान, गीत-संगीत, हस्तशिल्प, लोककला, हुनर आदि से परिचित हो सकेगे । मंगलवार को दुर्ग पर आयोजित अंतिम गतिविधि के तहत् रतनसिंह महल परिसर को विभिन्न प्रतिभागी दलों के द्वारा दोपहर एक बजे रंगोली से संजाया जायेगा वहीं शाम 6 बजे दीपदान से रतनसिंह तालाब में स्वर्णिम आभा के रंग देखने को मिलेगे। फेस्टिवल समापन पर मंगलवार रात गोराबादल स्टेडियम मेंसांस्कृतिक संध्या में बालीवुड सिंगर पलक मुछाल और पलाश की जोड़ी स्वरों का जादू बिखरेगी।

बड़ी खबरें

View All

चित्तौड़गढ़

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग