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Rajasthan News: राज्य सरकार अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत हल्दी, मिर्ची और धनिया पाउडर की सप्लाई करेगी। पहले सिर्फ खाद्यान की ही सरकार के स्तर पर सप्लाई की जाती थी। पहले खाद्यान्न की सप्लाई सरकार करती थी। मसाले, सब्जियां और फल विद्यालयों की ओर से ही खरीदे जाते थे। अब यह व्यवस्था बदलने जा रही है। मिड डे मील आयुक्तालय के जरिए मसाले भी सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे।
मार्च में प्रबंधक राजीविका के नाम से विद्यालयों के संस्था प्रधानों की ओर से मिड-डे-मील के लिए मसाला क्रय करने के लिए मांग पत्र भरा गया है। इस पत्र में स्कूलों को मिर्ची, हल्दी और धनिया पाउडर की मात्रा छात्रों की संख्या के हिसाब से तय करनी होगी।
अब तक कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के मिड डे मील में तेल, दाल, सब्जी और फल विद्यालयों की ओर से ही खरीदे जाते थे। लेकिन, नए निर्देशों के अनुसार, राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद राजीविका और महिला सहायता समूह से मिर्ची, हल्दी और धनिया पाउडर की खरीद की जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मसाले शुद्ध मिलेंगे। इस बदलाव के तहत्र 1 अप्रेल से 16 मई तक के डेढ़ माह के छात्र संख्या के आधार पर मसाले स्कूलों को भेजे जाएंगे।
मिड डे मिल के लिए कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट कक्षा 1 से 5 के बच्चों के लिए 6.19 रुपए और कक्षा 6 से 8 के लिए 9.29 रुपए प्रति विद्यार्थी प्रतिदिन दी जाती है। इन पैसों से स्कूल तेल, दाल, मसाला, सब्जी और फल खरीदते थे। लेकिन अब मसाले भी राज्य सरकार की तरफ से उपलब्ध कराए जाएंगे।
खाद्यान्न: 100 ग्राम
तेल: 5 ग्राम
दाल: 20 ग्राम
सब्जी: 50 ग्राम
खाद्यान्न: 150 ग्राम
तेल: 7.5 ग्राम
दाल: 30 ग्राम
सब्जी: 75 ग्राम
हालांकि राजीविका की ओर से भेजे जा रहे मसालों की मात्रा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब तक मिड डे मील में मसालों की कोई निर्धारित मात्रा नहीं थी और विद्यालय अपने हिसाब से मसाले खरीदते थे। लेकिन अब जब मसाले सरकार द्वारा भेजे जाएंगे तो प्रति छात्र कितनी मिर्ची, हल्दी और धनिया पाउडर की जरूरत होगी, इसे लेकर स्पष्टता की कमी है।
Published on:
28 Mar 2025 02:55 pm
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