
चित्तौडग़ढ़ जिले के चौहान का कंथारिया गांव में एक शादी समारोह में तिलक की राशि वापस लौटाते दुल्हेें के पिता।
चित्तौडग़ढ़. वर्तमान में जहां लोग दहेज के कारण बेटियों की शादी को लेकर चिंतित रहते है वहीं दहेज के लिए बहुओं को प्रताडि़त करने के मामले सामने आते रहते है। ऐसे माहौल में चित्तौडग़ढ़ जिले के चौहान का कंथारिया गांव में शादी समारोह में राजपूत समाज के एक परिवार ने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। बेटे की शादी में बहू के पिता ने तिलक में दामाद को दो लाख ११ हजार रुपए भेंट किए तो उसे वापस लौटा दिए। बिना किसी तरह का दहेज लिए केवल बहू के साथ बारात विदा हुई। चौहान को कंथारिया गांव में भंवरसिंह चौहान की पुत्री अन्नकूंवर की ८ मार्च को शादी भीलवाड़ा जिले के मांडल तहसील के मेलियास गांव के भंवरसिंह राठौड़ के पुत्र भानुमान सिंह राठौर से हुई। भानुमान सिंह वायुसेना में तमिलनाडु में तैनात हैं।
शादी की रस्मों के बीच जब तिलक का अवसर आया तो दुल्हन के पिता ने दूल्हे को 2 लाख ११ हजार रुपए भेंट किए। इस पर दूल्हे के पिता ने भंवरसिंह ने किसी तरह का दहेज लेने से इंकार करते हुए तिलक की राशि वापस लौटा दी।उन्होंने दहेज जैसी कुप्रथा को समाज से पूरी तरह खत्म करने की बात कही तो वहां उपस्थिति लोगों ने करतल ध्वनि से उने कथन का स्वागत किया। दूल्हे के काका संतोषपुरा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवान सिंह ने बताया कि हमारे परिवार की शुरू से सोच रही है कि दहेज जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ रहेंगे। भगवान सिंह ने भी अपने पुत्र की शादी के समय दहेज ना लेने का प्रण लिया है।
ससुराल की सोच पर अन्नू को गर्व
बीएड शिक्षित दुल्हन अन्नू कंवर ने ससुराल की सोच पर गर्व महसूस किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा हर परिवार में होना चाहिए। दूल्हे भानुमान सिंह ने कहा की सुधार की शुरूआत हमसे होनी है। हम स्वयं सुधरेंगें तो यह सुधार धीरे.धीरे पूरे समाज में बदलाव लाएगा।
Published on:
13 Mar 2019 01:25 pm
