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गम में किस लिए डूबा पीपलवास, क्यों निकली एक ही घर से भाई-बहन की अर्थी

चित्तौडग़ढ़.जिले में भदेसर उपखण्ड के पीपलवास गांव में शनिवार शाम को खाना बनाते समय आग पकडऩे के बाद गैस सिलेण्डर फटने से झुलसे सात लोगों में से भाई-बहिन की उदयपुर के सरकारी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई
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गम में किस लिए डूबा पीपलवास, क्यों निकली एक ही घर से भाई-बहन की अर्थी



चित्तौडग़ढ़.जिले में भदेसर उपखण्ड के पीपलवास गांव में शनिवार शाम को खाना बनाते समय आग पकडऩे के बाद गैस सिलेण्डर फटने से झुलसे सात लोगों में से भाई-बहिन की उदयपुर के सरकारी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई,जबकि पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। रविवार को गमगीन माहौल में भाई-बहिन के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पीपलवास गांव में घरों में चूल्हे नहीं जले।
पीपलवास गांव की खटीक बस्ती के पास रहने वाले देवजी माली के मकान में हुए इस हादसे में उनकी ४५ वर्षीय पत्नी बरजी, पुत्र नारायण (१६), पुत्र माधोलाल की २८ वर्षीय पत्नी चुन्नी बाई, काजल (५) पुत्री माधोलाल, कन्हैयालाल उर्फ विपुल (२) पुत्र माधेलाल, कृष्णा (६) पुत्री माधोलाल बुरी तरह झुलस गए थे। इन्हें बचाने आया पड़ोसी नन्दराम (४०) पुत्र चुन्नीलाल भी झुलस गया था। इनमें से कृष्णा व कन्हैयालाल उर्फ विपुल की उदयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद पूरा गांव शोकमग्न है। सहायक उपनिरीक्षक भगवतीलाल ने उदयपुर अस्पताल में जाकर शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इधर पीपलवास गांव में घटना के बाद देर रात अतिरिक्त जिला पुलिस अधिक्षक विपिन शर्मा, उप अधीक्षक अजय सिंह, थाना प्रभारी रमेश मीणा, उपखण्ड अधिकारी मांगीलाल रेगर, तहसीलदार हुकुम कंवर, पटवारी, गिरदावल ने मौके पर पहुंच कर मौका पर्चा तैयार किया।
उछला सिलेण्डर, दीवार में दरारें
देवजी माली के घर में शनिवार को सिलेण्डर की नली में आग लगने के बाद लपटें बीस फीट दूर तक गई थी, बाहर बरामदे में बंधा पाडा भी झुलस गया। बहू चुन्नी बाई तथा बच्चे दूसरे कमरे में थे, जैसे ही वे बाहर निकले तो आग की चपेट में आ गए। नली में गैस के दबाव से सिलेण्डर कई बार जमीन पर उछला तथा दीवार से भी टकराया, टकराने के दौरान दीवार का कुछ हिस्सा भी ढह गया तथा एक दीवार में दरारें आ गई।
कल ही लगाया था नया सिलेण्डर
गैस सिलेण्डर शनिवार को ही बदला था। इस दौरान रेग्युलेटर लगाने में तकनीकी खामी से संभवतया: गैस का रिसाव हुआ था। गैस सिलेण्डर पूरा भरा होने के कारण 15 मिनट से ज्यादा समय तक गैस का रिसाव तथा आग की लपटें उठती रही।
इसलिए बचे पिता-पुत्र
हादसे के वक्त घर के मुखिया देवजी घर से बाहर होने के कारण तथा पुत्र माधवलाल अहमदाबाद में होने के कारण बच गए। उसे मोबाइल पर सूचना देकर उदयपुर अस्पताल में बुलाया गया। इस दुर्घटना में परिवार की दोनों महिलाएं झुलस जाने से घर में रोटी बनाने वाला भी कोई नहीं बचा।
पूरे गांव में नहीं जले चूल्हे
पीपलवास गांव में शनिवार को हुए गैस हादसे के बाद दो बच्चों की मौत से पूरा गांव सदमें में है। रविवार को दिन भर लोग शोक में डूबे रहे। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। रविवार को भाई-बहिन की मौत के समाचार मिले तो पूरा गांव शोक में डूब गया। यहां पर साठ से ज्यादा माली जाति के परिवार निवास करते है, लेकिन यह परिवार आर्थिक रूप से भी कमजोर है। जब सायं 4.30 बजे दोनों शवों को लेकर सरपंच प्रतिनिधी कैलाश जाट व ग्रामवासी उदयपुर से यहां पहुंचे तो हर कोई सदमें में था। परिवार तथा पड़ोसियों की भी रूलाई फूट पड़ी। माली परिवारों के घरो में चूल्हे तक नहीं जले।

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