
लूटा आठ किलो सोना, बरामद हुआ सिर्फ पांच सौ ग्राम
-पांचवें आरोपी को भी रेलवे पुलिस ने किया गिरफ्तार
-पुलिस की ढिली कार्रवाई से नहीं हो पा रही है पूरे माल की बरामदगी
चित्तौडग़ढ़.
बांद्रा-उदयपुर यात्री गाड़ी के स्लीपर कोच में शंभूपुरा के निकट लूटे गए पौने तीन करोड़ रूपए कीमत के ८.४८ किलोग्राम सोने से निर्मित आभूषण के मामले में मुख्य सरगना के बाद पुलिस ने अब पांचवें आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस आरोपियों से अब तक सिर्फ पांच सौ ग्राम सोना ही बरामद कर पाई है, जिसकी कीमत करीब सोलह लाख रूपए बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार ८ जनवरी २०१९ को परिवादी यश गोल्ड मुंबई के कर्मचारी नरेन्द्र कुमार व विपुल रावल ने रेलवे थाना चित्तौडग़ढ़ में रिपोर्ट दी थी कि वे ६ जनवरी को बांद्रा-उदयपुर एक्सप्रेस के कोच एस-४ में बोरीवली से उदयपुर जाने के लिए सवार हुए थे। रास्ते में शंभूपुरा के निकट उनका बैग अज्ञात व्यक्ति चलती ट्रेन में छीनकर फरार हो गया। बैग में करीब पौने तीन करोड़ रूपए के ८.४८ किलोग्राम सोने से निर्मित आभूषण रखे हुए थे। रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर थानाधिकारी लालसिंह ने अनुसंधान शुरू किया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उप अधीक्षक श्यामलाल मीणा को जांच सौंपी गई।
उप अधीक्षक रेलवे श्यामलाल मीणा ने मुख्य आरोपी देसूरी थानान्तर्गत सेवाड़ी निवासी दीपक जोशी व उसके साथी लक्ष्मण कुमार माली को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पांचवें आरोपी सिरोही जिले के पालड़ी थानान्तर्गत पोसालिया गांव में रहने वाले जितेन्द्र कुमार उर्फ जीतू पुत्र लादाराम को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ कर आभूषण बरामदगी के प्रयास किए जा रहे है। इससे पहले पुलिस सेवाड़ी के ही नरपत माली, फालना थानान्तर्गत खुड़ाला निवासी दिनेश चौधरी को गिरफ्तार कर चुकी है। इन आरोपियों की निशानदेही पर अब तक पुलिस सिर्फ पांच सौ ग्राम सोना ही बरामद कर पाई है। जिसकी कीमत करीब सोलह लाख रूपए बताई जा रही है।
गौरतलब है कि मुख्य आरोपी दीपक जोशी ने पुलिस को बताया था कि लूटे गए आभूषण बेचने के लिए वह अपने एक मित्र के साथ अहमदाबाद गया था। वहां दो दुकानों पर उसने अपने मित्र के मार्फत आभूषण बेच दिए। इस दौरान वह वीडियो कॉलिंग के जरिए अपने मित्र के संपर्क में रहा। इसके बाद पुलिस अहमदाबाद भी गई, लेकिन दीपक ने जिस युवक के मार्फत सोना बेचा था, वह युवक अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगने के चलते पुलिस उन व्यापारियों से पूछताछ नहीं कर पा रही है, जिनकों सोना बेचना बताया जा रहा है। इस मामले में सुरेश विश्नोई, दलपतसिंह उर्फ राहुल सोलंकी भी अब तक पुलिस गिरफ्त से दूर है।
Published on:
16 Jul 2019 05:30 am
