
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ
Rajasthan Startup Policy: राजस्थान के युवाओं के नवाचारी सपनों को अब पंख लगने लगे हैं। राज्य सरकार के 'आई-स्टार्ट' कार्यक्रम के तहत स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के बिजनेस आइडिया को धरातल पर उतारने के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।
चित्तौड़गढ़ जिले के 6 उत्साही छात्रों ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए अपने स्टार्टअप रजिस्टर्ड करा लिए हैं। सरकार का मानना है कि भविष्य के बड़े कॉर्पोरेट घराने आज के क्लासरूम से ही निकलेंगे। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम से बेरोजगारी पर लगाम लगेगी और जॉब क्रिएटर बनकर उभरेंगे।
राज्य सरकार ने प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2024 में 'आई-स्टार्ट' कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसे सितंबर-अक्टूबर 2025 में पूर्ण रूप से प्रभावी बनाया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं के पास मौजूद अनूठे आइडियाज को पहचान कर उन्हें एक सफल बिजनेस मॉडल में तब्दील करना है। शुरुआती स्तर पर स्टार्टअप को रजिस्टर्ड कराने और प्रोजेक्ट अपूवर्ड कराने पर 2 लाख रुपए तक का फंड उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि युवा अपने प्रोजेक्ट का प्रोटोटाइप तैयार कर सकें।
रजिस्ट्रेशन के बाद छात्रों को अपना उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रोजेक्ट जिला स्तर पर संचालित केंद्रों से अप्रूव कराना होता है। यदि विशेषज्ञों की समिति को प्रोजेक्ट में भविष्य की संभावनाएं और व्यवहारिकता नजर आती है, तो सट इन्हें 2 लाख उपलब्ध कराएगी। इसमें 2 करोड़ रुपए तक के लोन का प्रावधान है।
इस ऋण पर नियमानुसार सब्सिडी भी दी जाएगी। प्रक्रिया में तकनीकी समस्या आने पर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के अधिकारी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। स्कूली छात्रों के लिए मेजर नटवर शक्तावत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं कॉलेज विद्यार्थियों के लिए महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में केन्द्र संचालित हैं।
अली रहमानः कैश एंड डिजिटल मनी एक्सचेंज के लिए लिंक कैश एप।
अमित कुमारः बीडब्ल्यूए सोलर एनर्जी के माध्यम से बिजली उत्पादन।
सिद्धार्थः इस्तेमाल हो चुके पैन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की तकनीक।
सिद्धार्थ योगीः ट्रेनों में दिव्यांगों के चढ़ने-उतरने को सुगम बनाने कला सिस्टम।
दीपक जोशी: इमली के विभिन्न वैल्यू ऐडेड प्रोडक्ट्स का निर्माण।
यश राजः औषधीय गुणों वाले फ्लेवर्ड नीम प्रोडक्ट्स।
आई-स्टार्ट कार्यक्रम के तहत दो केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। वहां पर छात्र-छात्राओं को स्टार्टअप शुरू करने में मदद की जा रही है। युवा इसमें उत्साह दिखा रहे हैं। जिले के 6 छात्रों ने अपने एप और प्रोडेक्ट रजिस्टर्ड भी कराए हैं।
प्रवीण जैन, उपनिदेशक सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग चित्तौड़गढ़
Updated on:
08 Apr 2026 10:04 am
Published on:
08 Apr 2026 10:03 am
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