6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पद्मावत विवाद: सर्व समाज की हुई बैठक, फिल्म रिलीज होने पर क्षत्राणियों ने दी जौहर की धमकी

फिल्म पद्मावत की 25 जनवरी को प्रस्तावित रिलीज रोकने के लिए सर्वसमाज ने बैठक कर नए आंदोलन की रणनीति बनाई।

2 min read
Google source verification
Padmavati Controversy:

Padmavati Controversy

चित्तौडग़ढ़। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत की 25 जनवरी को प्रस्तावित रिलीज रोकने के लिए सर्वसमाज ने शनिवार को बैठक कर नए आंदोलन की रणनीति बनाई। जौहर क्षत्राणी मंच की महिलाओं ने फिल्म रिलीज होने पर एक दिन पहले जौहर स्थली पर जौहर करने तक की चेतावनी दे डाली। वहीं 17 जनवरी को चित्तौड़ शहर के आसपास से गुजरने वाले तीन नेशनल हाइवे जाम करने की घोषणा की गई।

सर्वसमाज की बैठक दोपहर एक बजे से जौहर भवन पर हुई। इसमें सभी समाजों, संगठनों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया। वक्ताओं ने फिल्म पद्मावत को मेवाड़ की अस्मिता से खिलवाड़ बताते हुए कहा कि यदि 25 जनवरी को फिल्म रिलीज होती है तो ये काला दिन कहलाएगा। बैठक के बाद जौहर क्षत्राणी मंच की मंजूश्री शक्तावत समेत अन्य ने कहा कि क्षत्राणियों ने जौहर की तैयारियां कर ली हैं।

फिल्म को बैन करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अब जौहर को लेकर जो पहले चेतावनी दी गई थी, वह समय अब नजदीक आ गया है।

गौरतलब है कि सर्वसमाज की ओर से गत तीन नवंबर को चित्तौडग़ढ़ बंद तथा 17 नवम्बर को दुर्ग पर आवाजाही बंद करने के साथ नवंबर में 22 दिन तक इस फिल्म पर रोक की मांग को लेकर धरना भी दिया गया था। इसके चलते राजस्थान सहित कई राज्यों में फिल्म रिलीज पर बैन लगा दिया गया। वहीं एक दिसंबर को प्रस्तावित रिलीज को भी टालना पड़ा।

क्रमिक आंदोलन में ये भी लिए निर्णय

- 14 जनवरी को राजसमंद के देवगढ़ में आने वाले गृहमंत्री राजनाथसिंह से भेंट कर ज्ञापन देते हुए फिल्म बैन करने की पुरजोर मांग उठाएंगे।

- 16 जनवरी को बाड़मेर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन पर उनसे भेंट कर फिल्म पर बैन की मांग व नहीं मानने पर चेतावनी।

- 17 जनवरी को चित्तौड़ शहर के आसपास कोटा , उदयपुर , भीलवाड़ा व निम्बाहेड़ा-नीमच हाइवे जाम करने की चेतावनी।

-24 जनवरी को जौहर क्षत्राणी मंच की ओर से जौहर करने की चेतावनी

- फिल्म रिलीज हो जाती है तो दो महीने बाद आने वाले जौहर मेले में राजनेताओं व जनप्रतिनिधियों का बहिष्कार

- आने वाले चुनाव में राजपूत समाज ही नहीं, सर्वसमाज के लोग नोटा का उपयोग करेंगे।