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डेढ करोड़ के घपले की जांच में पुलिस की कछुआ चाल

पोषाहार को लेकर जिस परियोजना स्थल पर करीब डेढ करोड़ रूपए का घपला हुआ। उस घपले की आरोपी महिला पर्यवेक्षक को फिर उसी जगह नियुक्त कर दिया गया।
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पोषाहार में हुए घपले की जांच के लिए कलक्ट्रेट पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।



चित्तौडग़ढ़.पोषाहार को लेकर जिस परियोजना स्थल पर करीब डेढ करोड़ रूपए का घपला हुआ। उस घपले की आरोपी महिला पर्यवेक्षक को फिर उसी जगह नियुक्त कर दिया गया। डेढ करोड़ के इस घपले की जांच भैंसरोडग़ढ़ पुलिस प्राथमिकी दर्ज होने के दो साल बाद तक भी नहीं कर पाई है। इस मामले को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी की है। भैंसरोडग़ढ़ में वर्ष २०१६-१७ में बेबी मिक्स पोषाहार सप्लाई को लेकर करीब डेढ करोड़ रूपए का घपला जांच में सामने आया था। इस घपले की शुरुआत २३.३६ लाख रूपए से हुई थी। इस संबंध में तत्कालीन सीडीपीओ भैंसरोडग़ढ भानू मोली मोर्य ने सीडीपीओ गफूरन खानम व महिला पर्यवेक्षक संपत शर्मा सहित अठारह लोगों के खिलाफ भैंसरोडग़ढ थाने में ३० सितंबर २०१६ को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि समूह से मिलीभगत कर लाखों रूपए के फर्जी बिल उठा लिए गए। अप्रेल २०१५ से जुलाई २०१६ तक के बिलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के पोषाहार प्राप्ति रिकार्ड की जांच करने पर पाया गया कि मई २०१५ व जून २०१६ की अवधि में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्वयं सहायता समूह की ओर से पोषाहार का वितरण नहीं किया गया इसके बावजूद मिलीभगत व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पोषाहार के फर्जी बिल बनाकर समूह के माध्यम से २३ लाख ३६ हजार ५८७ रूपए उठा लिए गए। रिपोर्ट के साथ ५९ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिखित बयान की प्रतियां भी संलग्न की गई, जिन्होंने बिलों पर अपने हस्ताक्षर होने से इनकार किया था।
फिर क्या हुआ
घपला सामने आने के बाद महिला पर्यवेक्षक संपत शर्मा को हटा दिया गया था, ताकि जांच प्रभावित नहीं हो, लेकिन कुछ समय बाद ही उसे पुन: उसी स्थान पर पदस्थापित कर दिया गया, जहां करोड़ों का घपला हुआ था। प्राथमिकी दर्ज होने के दो साल बाद भी पुलिस की कछुआ चाल के कारण आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
ज्ञापन में की गई ये शिकायत
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में आरोप है कि सुपरवाइजर संपत शर्मा, उसके पति व पुत्र की ओर से उन्हें धमकाया जा रहा है। पिछले चार माह से इनका वेतन बकाया है। ज्ञापन में आरोप है कि समूह से केन्द्र पर पोषाहार आता है तो इसे नहीं लेने के लिए दबाव बनाया जाता है। इससे पिछले दो माह से भैंसरोडग़ढ़ में बच्चों व महिलाओं को पोषाहार वितरित नहीं हो रहा है। सुपरवाइजर संपत शर्मा का तबादला गंगरार हो जाने के बावजूद उसे कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है।
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थाना प्रभारी के पद पर लगे करीब पच्चीस दिन ही हुए है, इसलिए इस मामले में पूरी जानकारी नहीं है। जांच की क्या स्थिति है पता करके उचित कार्रवाई करेंगे।
गोपालनाथ, थाना प्रभारी भैसरोडग़ढ़

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