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Rajasthan News: ‘काले सोने’ पर खिले फूल, किसानों ने खेत पर लगाए सीसीटीवी

काले सोने के नाम से प्रसिद्ध अफीम फसल को बचाने सुरक्षा के लिए किसान अब तकनीकी का सहारा लेने लगे हैं।फसल की सुरक्षा के लिए खेत के चारों तरफ तारबंदी तो कर ही रहे हैं, साथ ही खेत के ऊपर प्लास्टिक नेट भी लगा रहे हैं।

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Opium crop

फाइल फोटो: पत्रिका

सुखवाड़ा (चित्तौड़गढ़)। काले सोने के नाम से प्रसिद्ध अफीम फसल को बचाने सुरक्षा के लिए किसान अब तकनीकी का सहारा लेने लगे हैं। फसल की सुरक्षा के लिए खेत के चारों तरफ तारबंदी तो कर ही रहे हैं, साथ ही खेत के ऊपर प्लास्टिक नेट भी लगा रहे हैं। वहीं पुता सुरक्षा व्यवस्था के लिए अफीम के खेतों में सीसीटीवी भी लगाने लगे हैं।

इन दिनों अफीम की फसल पर फूल खिलने साथ ही डोड भी बनने लगे हैं। मौसम अनुकूल रहा तो 25 फरवरी तक लुगाई चिराई का क्रम शुरू हो जाएगा । जिसको लेकर किसानों ने अब तैयारी के साथ अफीम सुरक्षा के लिए खेत की मेड़ पर झोपड़ी बनाकर अपने डेरे डाल दिए हैं।

कहीं-कहीं तो किसानों ने चोरी की रोकथाम के लिए अपने खेत पर सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए हैं।जिससे फसल की पूर्ण रूप से सुरक्षा की जा सके। भदेसर क्षेत्र में इन दिनों काले सोने के सफेद फूल खेलने लगे हैं। कई जगह फूल से डोडे भी बनने लगे हैं। अफीम की फसल बढ़ने के साथ ही किसानों के माथे पर इनकी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। अब किसानों को फसल की सुरक्षा में दिन-रात खेतों में ही गुजारा करना पड़ेगा।

किसान अपनी फसल को प्राकृतिक प्रकोप मवेशियों और पक्षियों से सुरक्षा करने में जुटे गए हैं। किसान बताते हैं कि अफीम को काली देवी का रूप पूजने की मान्यता है।वहीं इसे काला सोना भी कहा जाता है। वर्तमान समय में सुखवाड़ा क्षेत्र के किसान सुरक्षा के लिए कई किसानों ने खेतों पर झोपड़ियां बना ली है। उस में रहकर दिन-रात रखवाली कर रहे हैं।

अफीम की फसल पर फूल और डोडे आते ही मवेशियों और प्राकृतिक प्रकोप से भी खतरा कम नहीं होता है। किसानों ने मवेशियों से फसल की सुरक्षा के लिए तारबंदी लोहे की जालियां लगा दी है।