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Silver Heart: कारोबारी को आया हार्ट अटैक, सांवलिया सेठ की मेहर से बची जान, अब भेंट किया चांदी का दिल

Sanwaliya Seth Temple News: राजस्थान के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में एक भक्त ने हार्ट ऑपरेशन सफल होने पर 196 ग्राम चांदी का दिल और नलकूप भेंट किया। मंदिर में 25 करोड़ से अधिक के चढ़ावे की गिनती भी जारी है। पूरी कहानी पढ़े।

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Sanwaliya Ji Seth

भंडार से निकले नोटों की गिनती करते मंदिर कर्मचारी (फोटो- पत्रिका)

Chittorgarh News: राजस्थान के चित्तौडगढ़ जिले में स्थित श्रीकृष्ण का प्रसिद्ध धाम सांवलिया सेठ एक बार फिर से चर्चा में है। एक स्थानीय कारोबारी ने हार्ट अटैक से जान बचने के लिए सांवलिया सेठ को चांदी का दिल और नलकूप भेंट किया है। इसका वजन करीब 196 ग्राम है। परिवार और रिश्तेदारों के साथ पहुंचे भक्त ने गाजे-बाजे के साथ पूजा-अर्चना की और उसके बाद यह भेंट भगवान के चरणों में रखी। मंदिर प्रबंधन ने कहा कि पहली बार किसी ने चांदी का दिल भेंट किया है। उल्लेखनीय है कि अभी तीन दिन पहले ही गुजरात के एक भक्त ने बेटी के बारहवीं कक्षा में 97 फीसदी नंबर आने के बाद चांदी की पुस्तक भेंट की थी।

ऑपरेशन से पहले पूरे परिवार ने अस्पताल में ही सांवलिया सेठ की पूजा

दरअसल स्थानीय निवासी बालमुकुंद तिवारी नाम के एक व्यक्ति को करीब दो साल पहले अचानक दिल का दौरा आया था। इस दौरान पहले उदयपुर में इलाज किया गया लेकिन जब परेशानी ज्यादा हुई तो फिर अहमदाबाद के एक बड़े अस्पताल में इलाज शुरू किया गया। परिवार सांवलिया सेठ का भक्त था। ऑपरेशन से पहले पूरे परिवार ने अस्पताल में ही सांवलिया सेठ की पूजा-अर्चना की। थोड़ी देर बाद ऑपरेशन सफल होने का मैसेज जब डॉक्टर्स ने दिया तो परिवार ने राहत की सांस ली। उसके बाद कुछ महीने रिकवर होने में लगे। तिवारी के परिवार ने सांवलिया सेठ की मेहर के बाद अब सांवलिया सेठ के मंदिर में चांदी का नलकूप और हार्ट भेंट किया है। इसका वजन करीब 196 ग्राम के नजदीक है।

मासिक चढ़ावे की गणना जारी

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में सांवलिया सेठ के आने वाले मासिक चढ़ावे की गणना जारी है। कल तक यह गिनती करीब 25 करोड़ 16 लाख 10 हजार 100 रुपये की गिनती हो चुकी है। अब तक चार चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में 11 करोड़ 30 लाख, दूसरे में 5 करोड़ 77 लाख 50 हजार, तीसरे में 6 करोड़ 46 लाख और चौथे चरण में 1 करोड़ 62 लाख 60 हजार 100 रुपये गिने गए हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार अभी भेंट कक्ष, ऑनलाइन दान, मनी ऑर्डर और अन्य चढ़ावे की गणना बाकी है। इससे पहले पिछले महीने मंदिर में रिकॉर्ड 42 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा आया था, जो एक माह में मिला अब तक का सबसे बड़ा दान माना गया। भेंट का बड़ा हिस्सा हर महीने नजदीक के एक दर्जन से ज्यादा गांवों के विकास के लिए खर्च किया जाता है। ये गांव मंदिर प्रबंधन ने गोद लिए हुए हैं।