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सिद्धार्थ का साकार हुआ आईपीएस बनने का सपना, मिली 163 वीं रैंक

सिद्धार्थ का सपना मामा की तरह पुलिस सेवा में जाने का था जो शुक्रवार को उस समय साकार हुआ जब संघ लोक सेवा आयोग की ओर से घोषित भारतीय प्रशासनिक एवं अधीनस्थ सेवा प्रतियोगी परीक्षा-२०१९ के परिणाम में उसे अखिल भारतीय स्तर पर १६३वीं रैंक मिली। ऐसे में वर्तमान में भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी कपासन निवासी २८ वर्ष सिद्धार्थ गोयल का रैकिंग के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा में चयन हुआ है। कपासन क्षेत्र से भारतीय पुलिस सेवा में ये पहला चयन माना जा रहा है।
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सिद्धार्थ का साकार हुआ आईपीएस बनने का सपना, मिली 163 वीं रैंक

चित्तौडग़ढ़. सिद्धार्थ का सपना मामा की तरह पुलिस सेवा में जाने का था जो शुक्रवार को उस समय साकार हुआ जब संघ लोक सेवा आयोग की ओर से घोषित भारतीय प्रशासनिक एवं अधीनस्थ सेवा प्रतियोगी परीक्षा-२०१९ के परिणाम में उसे अखिल भारतीय स्तर पर १६३वीं रैंक मिली। ऐसे में वर्तमान में भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी कपासन निवासी २८ वर्ष सिद्धार्थ गोयल का रैकिंग के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा में चयन हुआ है। कपासन क्षेत्र से भारतीय पुलिस सेवा में ये पहला चयन माना जा रहा है।
कपासन के चिकित्सक दंपति डॉ. नरेश व सुमन गोयल के पुत्र सिद्धार्थ का आईएएस परीक्षा में प्रथम प्रयास में ३६० रेंक के साथ राजस्व सेवा के लिए चयन हुआ था। इसके बाद अगले दो प्रयासों में वे रैंक सुधार नहीं पाए लेकिन इस बार उनका सपना पूरा हो गया। सिद्धार्थ दिल्ली में पदस्थ भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी मुकेश जैन की तरह ही पुलिस सेवा के माध्यम से देश व समाज की सेवा करना चाहते है। सिद्धार्थ इस सफलता में परिजनों से मिले मार्गदर्शन के साथ अपने परिवार के मित्र नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद मोदी की भूमिका भी अहमï् मानते है। गोयल के चयन की सूचना मिलते ही उनके परिजनों व मित्रों ने बधाईयां दी।

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