
कहीं आप कैन का अशुद्ध पानी तो नहीं पी रहे
कालूलाल लौहार/ चित्तौडग़ढ़. भीषण गर्मी में घर से लेकर सड़क पर प्याऊ तक प्यास बुझाने के लिए कैन के पानी का उपयोग हो रहा है। प्रतिदिन जिले में लाखों लोग कैन के जिस पानी का उपयोग कर रहे है वे कितना शुद्ध है व उसका गुणवत्ता स्तर क्या है ये जांचने वाला कोई नहीं है। लोग१५ लीटर पानी से भरी एक कैन के १५ से २० रुपए तक चुका रहे है, लेकिन शुद्धता के दावों के साथ पानी बेचने वालों की हकीकत क्या है इसका जवाब किसी के पास नहीं है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पैकिंग पानी की ही जांच का अधिकार बता कैन के पानी को खुला उत्पाद मान जांच नहीं करता तो शुद्ध पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार जलदाय विभाग ने भी कभी ये जांचने की जहमत नहीं उठार्ई कि कैनों में भरा जो पानी लोग पी रहे है उनकी गुणवत्ता कैसी है। ऐसे में बिना किसी जांच के ही लाखो लीटर पानी प्रतिदिन प्यास बुझाने के लिए उपयोग में लिया जा रहा है। शहर में कैन में भर कर पानी बेचने का ये व्यापार तेजी से फल-फूल रहा है। चित्तौडग़ढ़ शहर में १०-१५ से अधिक प्लांट डाल चुके है जो पूरे शहर में कैनों में भरकर पानी की सप्लाई कर रहे है। कैन के पानी से सरकारी विभागों के अधिकारी भी अपने कंठ तर कर रहे है लेकिन कोई विभाग इस पानी की जांच की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
सिर्फ भरोसे पर टिकी है सेहत की सुरक्षा
स्वस्थ शरीर के लिए शुद्ध जल सबसे अहम माना जाता है। प्रतिदिन कैनों का जो पानी पी रहे है उसकी शुद्धता जांच नहीं होने से सेहत सुरक्षा भी खतरे में है। कैन से पानी बेचने का व्यवसाय करने वाले फिल्टर प्लांट लगाने के टेम्पों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करते है। कई विक्रेता आरओ जल बताने का दावा करते है लेकिन हकीकत में अधिकतर प्लान्ट बोरिंग के पानी को फिल्टर करके मशीन से ठंडा कर कैनों में भरकर बेच रहे है। कैन का पानी भले ही देखने-पीने में साफ और शुद्ध लगे है लेकिन वाकई में ऐसा है इसका दावा कोर्ई नहीं कर सकता है।
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क्या है अमानक जल उपयोग का खतरा
- अशुद्ध जल पेट संबधी बीमारियों का प्रमुख कारण होता है। जल की गुणवत्ता ठीक नहीं होने पर हड्डियों से जुड़े रोग भी हो सकते है। जल की गुणवत्ता के लिए जलदाय विभाग ने मानक तय कर रखे है। ये जांच से ही तय होता है कि जो जल पी रहे है वे उस मानक के अनुरूप है या नहीं।
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यह हमारे अधिकार में नहीं
हमारा काम सिर्फ पैंकिंग वाला पानी देखने का है। कैन में खुला पानी बिकता है इसलिए हमारे अधिकार में नहीं है। इसकी जांच पीएचईडी वालो का काम है।
डॉ. इंद्रजीतङ्क्षसह, सीएमएचओ चित्तौडग़ढ़
नहीं आया अभी तक कोई प्रकरण
कैन के पानी की जांच का अब तक कोर्ई प्रकारण सामने आया नहीं है। फिर भी कभी कोई मामला आएगा तो हम नियमानुसार जांच कराएंगे।
केसी वर्मा, अधिक्षण अभियंता, जलदाय विभाग चित्तौडग़ढ़
Published on:
09 May 2019 10:51 pm
