
जाप से मन निर्मल एवं आत्म चेतना का होता है नवसंचार
चित्तौडग़ढ़. जिले के निम्बाहेड़ा में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में साध्वी डॉ. सुशील मसा, श्रद्धा मसा की निश्रा में जैन दिवाकर श्री चौथमल मसा की जन्मतिथि पर दिवाकर भवन में सागरमल पदमकुमार नागोता परिवार की ओर से आयोजित गुरुदेव मुनीन्द्र, जैन दिवाकर करो आनन्द का सामूहिक गुरू जाप रविवार को सम्पन्न हुआ। जाप के दौरान नवकार मंत्र की तस्वीर को स्थापित कर सवा पांच करोड़ जाप कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस अवसर पर साध्वी डॉ. सुशील ने जाप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जाप करने के प्रतिफल के संबंध में बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से जाप करने से आदि व्याधि से मुक्ति मिलती है, जाप से मन निर्मल होता है और आत्मचेतना का नवसंचार होता है। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष ज्ञानचन्द ढेलावत, केसरीमल संघवी, डॉ जेएम जैन, कन्हैयालाल बम समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। संचालन सिद्धराज संघवी ने किया।
रितेश मुनि व प्रभात मुनि ने किया मंगल प्रवेश
भदेसर. श्रमण संघीय जैन संत रितेश मुनि व प्रभात मुनि ने वर्षावास के लिए भादसोडा कस्बे में मंगल प्रवेश किया, इस अवसर पर जूलुस व जयकारो के साथ समाजजनों ने उनकी आगवानी की। संवलियाजी प्राकट्य स्थल मंदिर से श्रावक-श्राविकाओं के साथ जुलूस शुरू हुआ, जो लगभग एक किमी लम्बी जूलुस के रूप में भादसोडा कस्बे में रोशनलाल बोहरा के घर पहुंच कर सामुहिक नवकार मंत्र का जाप किया गया। इसके बाद जूलुस ने कस्बे में प्रवेश किया, जहां से जगह-जगह उनकी आगवानी की। कस्बे के बीचो-बीच जैन स्थानक पर धर्मसभा का आयोजन हुआ, धर्मसभा में दोनों ही संतो ने कहा कि जैन संतों के चातुर्मास का अलग महत्व है, इसके लिए त्याग-तपस्या महत्वपूर्ण है।
Published on:
15 Jul 2019 07:10 am
