
चित्तौडग़ढ़ के बस्सी में जमीनी विवाद के बाद जिला अस्पताल में भर्ती महिला।
चित्तौडग़ढ़. गत ९ साल से चल रहे जमीनी विवाद से तंग आकर महिला ने विषाक्त सेवन कर लिया। तबीयत बिगडऩे पर उसे यहां सांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां उसका रविवार को भी उसका ईलाज जारी है। बताया जा रहा है कि महिला की हालात में अभी सुधार है।
बस्सी निवासी जमनी पत्नी रतनलाल बैरवा का कहना है कि उसके पास कृषि के लिए पेट्रोल पंप के सामने ६ बीघा जमीन थी जिसमें से एक बीघा जमीन उसने बेच दी थी। रामप्रसाद नामक व्यक्ति ने इसका फायदा उठाकर सारी जमीन की रजिस्ट्री करवा ली और अदल बदल कर पार्टियों को बेचने का कार्य करता रहा। इस बात का पता चलने पर महिला ने विरोध जताते हुए मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद कोर्ट में मुकदमा चलने पर फैसला जमनी के पक्ष में आया, इसके बावजूद जमनी को मालिकाना हक प्राप्त नहीं हुआ। जमनी का आरोप है कि पिछले ६ दिन से रामप्रसाद खटीक उसकी जमीन पर निर्माण कार्य
करवा रहा है।
जमनी ने विरोध किया तो उसे धमकियां दी गई। बाद में उसके पुत्र संजय बैरवा ने बस्सी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे तंग आकर उसने विषाक्त सेवन कर लिया। मामले को लेकर बैरवा समाज के लोगों ने थानेदार व भूमाफियाओं के खिलाफ जिला कलक्टर को गृहमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
इधर पुलिस उप अधीक्षक भंवर रणधीरसिंह ने बताया कि एडीजे कोर्ट ने जमीन पर डिक्री कर दी थी। इस फैसले के खिलाफ रामप्रसाद ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। हाईकोर्ट ने इस संबंध में १२ जुलाई को जवाब मांगा है। रामप्रसाद को निर्माण कार्य करने से रोक दिया गया है। डिप्टी ने बताया कि रामप्रसाद खटीक, मुन्ना खटीक, राजू चेचाणी व घनश्याम चेचाणी के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
Published on:
01 Jul 2018 05:23 pm
