
विजयादशमी पर होगा रावण दहन,चित्तौड़ दशहरा मेला में नहीं होंगे रात के सांस्कृतिक कार्यक्रम
चित्तौडग़ढ़. जिले भर में विजयादशमी पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दौरान कई जगह दशहरे पर रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा।बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर कई जगह अस्त्र और शस्त्र का भी पूजन किया जाएगा। शाम को कई जगह दशहरे पर रावण दहन होगा। रावण दहन के साथ कई जगह दशहरे मेला का समापन होगा तो कई जगह मेला शुरू होगा।नगरपरिषद चित्तौडग़ढ़ के तत्वाधान में इन्दिरा गांधी स्टेडियम में 10 दिवसीय दशहरा मेला शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। मेले में दुकाने लगेंगी व झूला-चकरी भी होंगे लेकिन इस बार रात १० बजे बाद कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन की अनुमति नहीं मिलने से नगर परिषद द्वारा पहले से तय आयोजन नहीं होंगे। इनमें कवि सम्मेलन व विभिन्न आर्केस्ट्रा नाईट व रंगारंग आयोजन होने थे। नगर परिषद आयुक्त नारायणसिंह मीणा ने बताया कि मेले का उद्घाटन शाम ७.१५ बजे जिला कलक्टर इन्द्ररजीतसिंह द्वारा फीता काटकर किया जाएगा। इसके बाद रात आठ बजे से मेला ग्राउण्ड में रामलीला मंचन होगा एवं भव्य आतिशबाजी का आयोजन रखा गया है। इसके बाद 51 फीट का रावण व 30-30 फीट के कुम्भकरण व मेघनाथ के पुतलो का दहन होगा। मेले मे लगभग 240 दुकाने आवंटित की गई है। इनमें विभिन्न स्थानों से क्रॉक्ररी,ज्वेलरी, उनी वस्त्र, रेडिमेट वस्त्र, कालीन, हेण्डीक्राफट एवं कई प्रकार के घरेलू उपयोग सामग्री की वस्तुए उपलब्ध होगी। लोगों के मनोरंजन के लिए कई तरह के आकर्षक झूले व मौत का कुंआ आकर्षण का केन्द्र रहेगा। नगर परिषद की २८ सितम्बर को हुई बोर्ड बैठक में दस दिवसीय मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बजट मंजूरी दी गई थी लेकिन ६ अक्टूबर को आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासन ने रात १० बजे बाद मेले में किसी भी कार्यक्रम के लिए मंजूरी देने से इंकार कर दिया।
रात १० बजे से पहले होंगे कार्यक्रम
आयुक्त मीणा ने बताया कि देर रात तक प्रस्तुतियां देने वाली पार्टियों के कार्यक्रम तो नहीं होंगे लेकिन शहर के ही विभिन्न संगठनो से वार्ता कर आदर्श आचार संहिता की पालना करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने के प्रयास किए जाएंगे। ये सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रशासन द्वारा तय समय सीमा रात १० बजे तक समाप्त हो जाएंगे।
Published on:
18 Oct 2018 11:18 pm
