
चूरू। रबी फसलों में सरसों, चना, तारामीरा की बुवाई के समय को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को नकली डीएपी से सावधान रखने के संबंध में एडवाइजरी जारी की है। संयुक्त निदेशक (कृषि) डॉ जगदेव सिंह ने बताया कि वर्तमान में तापमान बुवाई के लिए उपयुक्त नहीं है। कुछ दिनों में औसत तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा। वह तापमान व समय सरसों व चना की बुवाई के लिए सर्वाधिक उपयुक्त रहता है।
बुवाई के समय किसान डीएपी खाद का बुवाई से पहले उपयोग करते हैं। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों, ग्राम सेवा सहकारी समितियों द्वारा गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता करवाई जा रही है। सरसों, चना व तारामीरा की फसलों में डीएपी के बजाय सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक का उपयोग अधिक फायदेमन्द एवं लागत में कमी लाता है। इसलिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि 50 किलोग्राम के एक डीएपी बैग के बजाय तीन बैग सिंगल सुपर फास्फेट एवं आधा बैग यूरिया को मिलाकर बुवाई से पहले उपयोग करें। इससे फसलों को फॉस्फोरस व नत्रजन के साथ ही सल्फर की आवश्यक मात्रा की आपूर्ति हो जाती है।
जिले में उर्वरकों का विक्रय-क्रय विक्रय सहकारी समितियों, ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं अधिकृत निजी विक्रेताओं की ओर से किया जा रहा है। बिना लाइसेंस उर्वरकों का विक्रय उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत दंडनीय अपराध है। किसानों को उर्वरक क्रय करते समय सावधान रहने की आवश्यकता है।
कोई भी व्यक्ति आपके गांव में आकर अनधिकृत रूप से उर्वरकों का विक्रय करता है तो उसके नकली उर्वरक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे व्यक्तियों से सावधान रहें और ऐसी स्थिति सामने आने पर इसकी जानकारी तत्काल अपने कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी और संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद, चूरू को दूरभाष नंबर 01562-250395 पर दें।
उन्होंने बताया कि डीएपी के प्रति किसानों के अत्यधिक लगाव का फायदा घटिया उर्वरक विक्रय करने वाले उठाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने सभी किसानों से अनुरोध किया है कि रबी फसलों में प्रथम तो डीएपी के बजाय सिंगल सुपर फास्फेट यूरिया अथवा एनपीके उर्वरकों का उपयोग करे जो कि सस्ते और अधिक लाभकारी होने के साथ आसानी से उपलब्ध हैं। कुछ लोग किसानों को नकली डीएपी बेचने के लिए आकर्षक बैग का उपयोग करते हैं।
Published on:
09 Oct 2024 03:51 pm
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