
राजस्थान में पिछले साल की तुलना में कुछ देरी से 25 जून के बाद मानसून आएगा। लेकिन प्री-मानसून के बादलों ने प्रदेश को तरबतर कर दिया। राजस्थान के कई जिलों में अच्छी बारिश के बाद किसानों ने अपने खेतों में बाजरे सहित खरीफ की फसलों की बुआई शुरू कर दी है ।
किसान खाद्यान के रूप में खरीफ फसल में इस क्षेत्र में बाजरे की बुआई करते हैं और मोटे अनाज के रूप में दाल वाली फसलों मे मुख्य रूप से मूंग, मोठ और चवला की बिजाई करते हैं । तिलहन के रूप में तिल की फसल की बुआई कर रहे हैं। नकदी और गम वाली फसल के रूप में ग्वार की बुआई कर रहे हैं।
ऊंट से हल द्वारा की गई बुआई सर्वोतम
चूरू जिले के ट्रेक्टर चालक किसान हनुमान प्रजापत ने बताया की जिस खेत में गर्मियों की जुताई नहीं की गई हो उसमें हैरे से छिड़के द्वारा बुआई करना ठीक रहता है ।
युवा किसान नरेंद्र बरड़ ने बताया की खेत अच्छी तरह से तैयार करने के बाद ऊंट से हल द्वारा की गई बुआई सर्वोतम होती है । किसान रामेश्वर लाल ढाका ने बताया कि किसान आवारा पशुओं के कारण बहुत चिंतित है। उन्होंने बताया की उनके खेत में तीन बीघा में बोई गई कपास की फसल को आवारा पशुधन और जंगली पशुओं ने पूर्णतया नष्ट कर दी।
बरसात का दौर जारी, कई जगह भरा पानी
बीदासर कस्बे में तीसरे दिन भी सोमवार सुबह 5 बजे के बाद आधे घण्टे तक झमाझम बरसात हुई। इससे मुख्य मार्गों पर पानी भर गया। लोगों को आने जाने में परेशानी हुई।
बस स्टैण्ड से बैंक ऑफ बड़ौदा व बाल बाड़ी भवन से नगर पालिका तक सफाई नहीं होने से नालों की गंदगी सड़कों पर फैल गई। वहीं बारिश से लोगों को राहत मिली। दोपहर बाद आसमान साफ होने से मौसम खुल गया तथा धूप भी निकल आई।
Updated on:
21 Jun 2022 03:58 pm
Published on:
21 Jun 2022 03:53 pm
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