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कोरोना वायरस से जंग: चूरू जिला कलक्टर संदेश नायक की अनूठी पहल

चूरू जिला कलक्टर संदेश नायक ने अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ चूरू जिले के वासियों को अपनी जरूरतें सीमित कर 'Give up Something' का संदेश दिया है।

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चूरू

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Santosh Trivedi

Apr 12, 2020

churu collector Sandesh Nayak

चूरू। कोरोना वायरस संक्रमण के समय जब पूरी दुनिया विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से जूझ रही है, चूरू जिला कलक्टर संदेश नायक ने अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ चूरू जिले के वासियों को अपनी जरूरतें सीमित कर 'Give up Something' का संदेश दिया है। इस मुहिम में जिला कलक्टर संदेश नायक ने स्वयं दोपहर का भोजन (लंच) छोड़ते हुए संकल्प लिया है कि पूरा लॉकडाउन चलने तक वे लंच नहीं लेंगे।

जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि ‘गिव अप समथिंग’ के पीछे उनका उद्देश्य है कि लोग विलासिता की बजाय जरूरतों तक केंद्रित हों और मानवता के लिए संकट की इस घड़ी में ऎसा कुछ न कुछ छोड़ें, जिसे छोड़ने से भी उनका काम चल सकता है और वे संसाधन दूसरे जरूरतमंद लोगों के काम आ सकता है। उन्होंने कहा कि पूरा भोजन छोड़ने की बजाय लोग अपने भोजन में सादगी ला सकते हैं।

सब्जियों में अपना मीनू सीमित सकते हैं या फिर अपनी तरफ से और कुछ भी योगदान कर सकते हैं। जरूरतें कम करने से न केवल हमारे होम आईसोलेशन में मदद मिलेगी, बल्कि हम बाहर कम निकलेंगे तो संक्रमण का खतरा भी कम होगा। अपनी बचत हम दूसरे लोगों की मदद के लिए भी दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से वे दिन का अपना भोजन नहीं ले रहे, इससे उन्हें काम के लिए ज्यादा समय मिल पाता है और खाद्यान्न बचाने का यह उनका एक संकल्प भी है।

जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि वर्तमान में जब लॉकडाउन है, तब भी चिकित्सक, पुलिसकर्मी, प्रशासन से जुड़े हुए अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संस्थाएं, भामाशाह, शिक्षक आदि काफी अच्छा काम कर रहे हैं, ऎसे में जो लोग घर बैठे हैं और किसी न किसी प्रकार मानवता की सेवा करना चाह रहे हैं, वे भी इस गिव अप समथिंग के जरिए मानवता की मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी खाद्यान्न की कोई कमी नहीं है और प्रत्येक जरूरतमंद तक पर्याप्त सामग्री पहुंचाई जा रही है लेकिन जिन लोगों के पास आवश्यकता से अधिक है, वे अपना योगदान कर सकते हैं। जैसी परिस्थितियां हैं, उनमें प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग, एक-एक पैसा, खाद्यान्न का प्रत्येक कण और प्रत्येक संसाधन महत्त्वपूर्ण है और हमें इनके सदुपयोग की दिशा में जागरुक होना चाहिए।